
अभिनेत्री त्रिधा चौधरी का मानना है कि एक कलाकार के लिए केवल ग्लैमरस भूमिकाएं निभाना ही पर्याप्त नहीं होता, बल्कि ऐसे किरदार भी महत्वपूर्ण होते हैं जो भावनात्मक और आध्यात्मिक स्तर पर जुड़ाव पैदा करें। हाल ही में आईएएनएस को दिए एक इंटरव्यू में त्रिधा ने अपनी भविष्य की योजनाओं और पसंदीदा प्रोजेक्ट्स को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें किसी बड़े ऐतिहासिक या पौराणिक प्रोजेक्ट का हिस्सा बनने का अवसर मिलता है, तो वह उसे अपने करियर का विशेष पड़ाव मानेंगी।
‘शिवा ट्रिलॉजी’ का हिस्सा बनने का सपना
बातचीत के दौरान जब त्रिधा से पूछा गया कि वह किस तरह की पौराणिक फिल्म में काम करना पसंद करेंगी, तो उन्होंने लेखक अमिश त्रिपाठी की लोकप्रिय पुस्तक श्रृंखला ‘शिवा ट्रिलॉजी’ का नाम लिया। अभिनेत्री ने बताया कि उन्होंने इस किताब की पूरी सीरीज पढ़ी है और इसकी कहानी से काफी प्रभावित हुई हैं। उनके अनुसार, यह सिर्फ एक कहानी नहीं बल्कि एक ऐसा अनुभव है, जो पाठकों को आध्यात्मिक और भावनात्मक रूप से जोड़ता है।
त्रिधा ने कहा कि उन्होंने हाल ही में यह खबर सुनी है कि अभिनेता रणवीर सिंह ने ‘शिवा ट्रिलॉजी’ के फिल्मी अधिकार खरीदे हैं। ऐसे में यदि भविष्य में इस पर फिल्म बनती है और उन्हें उसमें काम करने का अवसर मिलता है, तो यह उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसा होगा।
भगवान शिव के प्रति गहरी आस्था
अभिनेत्री ने बताया कि भगवान शिव के प्रति उनकी गहरी श्रद्धा है और यही कारण है कि ‘शिवा ट्रिलॉजी’ से उनका विशेष भावनात्मक जुड़ाव है। उनका मानना है कि ऐसे प्रोजेक्ट्स कलाकार को सिर्फ अभिनय का मौका ही नहीं देते, बल्कि दर्शकों के साथ एक अलग स्तर पर जुड़ने का अवसर भी प्रदान करते हैं।
अभिनय को मानती हैं असली पहचान
त्रिधा चौधरी का कहना है कि किसी कलाकार की असली पहचान उसके अभिनय से बनती है। उनके अनुसार, केवल खूबसूरत दिखना या ग्लैमरस किरदार निभाना पर्याप्त नहीं है। यदि कलाकार अपने किरदार को प्रभावी ढंग से नहीं निभा पाता, तो दर्शक उससे जुड़ नहीं पाते। इसलिए वह हमेशा ऐसे किरदारों को प्राथमिकता देना चाहती हैं, जिनमें अभिनय की चुनौती और गहराई दोनों मौजूद हों।

