
रांची: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में मंगलवार को धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि को शहादत दिवस के रूप में मनाया गया। यह कार्यक्रम कांग्रेस भवन रांची में आयोजित किया गया, जहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर सभी उपस्थित नेताओं ने भगवान बिरसा मुंडा के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
अत्याचार के खिलाफ आवाज थे बिरसा मुंडा
कार्यक्रम में मौजूद वक्ताओं ने कहा कि आज पूरे राज्य में धरती आबा बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई जा रही है। उन्होंने बताया कि अंग्रेजी शासन की शोषणकारी नीतियों के कारण मुंडा समाज की पारंपरिक खूंटकट्टी व्यवस्था कमजोर होने लगी थी। इसी अन्याय के खिलाफ बिरसा मुंडा ने संघर्ष का बिगुल फूंका और 1897 में अपने अनुयायियों के साथ उलगुलान यानी महान जनक्रांति की शुरुआत की। वक्ताओं ने कहा कि उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ लगातार संघर्ष किया और इसी दौरान कारावास में उनका निधन हो गया।

आज भी प्रेरणा देते हैं बिरसा मुंडा के आदर्श
नेताओं ने कहा कि वीर बिरसा मुंडा का योगदान भारतीय स्वतंत्रता संग्राम और आदिवासी अधिकारों की रक्षा के लिए हमेशा याद किया जाएगा। बिरसा मुंडा ने अन्याय, शोषण और दमन के खिलाफ लड़ने का जो रास्ता दिखाया वह आज भी समाज को दिशा देता है। उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर सामाजिक न्याय, समानता और जनकल्याण के लिए लगातार काम करने की जरूरत है।
श्रद्धांजलि सभा में ये रहें उपस्थित
इस मौके पर कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे जिन्होंने भगवान बिरसा मुंडा को श्रद्धासुमन अर्पित किए। श्रद्धांजलि देने वालों में डॉ. राजेश गुप्ता, अभिलाष साहु, सतीष पॉल मुंजनी, लाल किशोर नाथ शाहदेव, आलोक कुमार दूबे, राकेश सिन्हा, राजन वर्मा, अख्तर अली, सोनाल शांति, निरंजन पासवान, सुरेंद्र सिंह, कामेश्वर गिरी, जगदीश साहु, राज उरांव, डॉ. राजीव नारायण प्रसाद, मुन्ना सिंह, छोटू सिंह, मृत्युंजय कुमार, मृदुल राज, खालिद सैफुल्लाह, अजय सिंह, संजय कुमार, उमेश चौधरी, अब्दुस सलाम अंसारी और रामानंद केशरी शामिल रहे।

