
Pranav Jha : झारखंड में संपन्न राज्यसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा ने हार स्वीकार करते हुए पार्टी नेतृत्व, विधायकों और कार्यकर्ताओं का धन्यवाद किया। उन्होंने चुनाव परिणाम का सम्मान करते हुए विजयी उम्मीदवारों को शुभकामनाएं दीं और उम्मीद जताई कि वे राज्य के हित में प्रभावी भूमिका निभाएंगे।
झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए हुए चुनाव में एक सीट पर बैद्यनाथ राम ने जीत दर्ज की, जबकि दूसरी सीट पर परिमल नथवानी विजयी रहे। कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा को 19 मत प्राप्त हुए, जबकि परिमल नाथवाणी को 28 वैध वोट मिले। मतगणना के बाद परिणाम स्पष्ट होते ही झा ने मीडिया से बातचीत कर अपनी प्रतिक्रिया दी।
प्रणव झा ने कहा कि वह कांग्रेस नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करते हैं, जिसने संगठन के एक कार्यकर्ता पर भरोसा जताते हुए उन्हें राज्यसभा चुनाव का उम्मीदवार बनाया। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए सम्मान की बात है कि पार्टी ने उन्हें इतनी बड़ी जिम्मेदारी सौंपी। साथ ही उन्होंने कांग्रेस और सहयोगी दलों के उन विधायकों का भी धन्यवाद किया, जिन्होंने चुनाव अभियान के दौरान उनका समर्थन किया।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जीत और हार का फैसला जनप्रतिनिधियों के मतों से होता है और चुनावी प्रक्रिया में प्राप्त समर्थन के आधार पर ही परिणाम तय होते हैं। झा ने कहा कि राज्यसभा चुनाव में तीन उम्मीदवार मैदान में थे और दो सीटों के लिए मुकाबला हुआ, जिसमें मतों के आधार पर दो उम्मीदवारों को सफलता मिली।
कांग्रेस प्रत्याशी ने विजयी उम्मीदवारों को बधाई देते हुए कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा समर्थित उम्मीदवार बैद्यनाथ राम की जीत गठबंधन के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि वे राज्य के मुद्दों को संसद में मजबूती से उठाएंगे।
साथ ही उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवाणी को भी जीत की बधाई दी। झा ने कहा कि नाथवाणी को उनसे अधिक समर्थन मिला और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में यही निर्णायक कारक होता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि नवनिर्वाचित सांसद झारखंड के विकास, जनता की आकांक्षाओं और राज्य के हितों को प्राथमिकता देंगे।
राज्यसभा चुनाव के बाद प्रणव झा का यह बयान राजनीतिक परिपक्वता और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति सम्मान का संदेश माना जा रहा है। हार के बावजूद उन्होंने सकारात्मक रुख अपनाते हुए भविष्य में संगठन के लिए कार्य करते रहने की प्रतिबद्धता दोहराई।

