गुमला नाबालिग लापता मामला: हाई कोर्ट सख्त, मुख्य सचिव, गृह सचिव और डीजीपी हुए तलब

गुमला नाबालिग लापता मामले में झारखंड हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए मुख्य सचिव, गृह सचिव और डीजीपी को तलब किया, नार्को टेस्ट और जांच पर कड़ी निगरानी जारी।

Razi Ahmad
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Jharkhand High Court : गुमला जिले से लापता नाबालिग से जुड़े बहुचर्चित मामले में झारखंड हाई कोर्ट ने गुरुवार को सुनवाई करते हुए राज्य सरकार से जवाब तलब किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए सुनवाई के दौरान राज्य के मुख्य सचिव, गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक (DGP) व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित हुए।

सुनवाई के दौरान मुख्य सचिव ने अदालत को बताया कि राज्य सरकार इस मामले को अत्यंत संवेदनशीलता के साथ देख रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्तर पर भी इस मामले की समीक्षा की गई है और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। इस पर हाई कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसे मामलों में प्रशासन और पुलिस को और अधिक संवेदनशील तथा जवाबदेह होने की आवश्यकता है।

अदालत ने 12 मई 2026 को पारित अपने पूर्व आदेश में किसी भी प्रकार का संशोधन करने से इनकार कर दिया। राज्य सरकार द्वारा दायर इंटरलोक्यूटरी एप्लीकेशन (IA) को भी कोर्ट ने खारिज कर दिया। इसके साथ ही अदालत ने पुलिस अधीक्षक (SP) और मामले के अनुसंधान पदाधिकारी (IO) के खिलाफ जांच संबंधी अपने पूर्व आदेश को बरकरार रखा।

गौरतलब है कि इससे पहले हाई कोर्ट ने वर्ष 2018 से 2023 के बीच गुमला जिले में पदस्थापित रहे पुलिस अधीक्षकों की कार्यशैली और मामले के प्रति उनकी भूमिका की जांच कराने का निर्देश दिया था। अदालत का मानना है कि मामले की जांच और कार्रवाई के विभिन्न पहलुओं की निष्पक्ष समीक्षा आवश्यक है।

सुनवाई के दौरान मुख्य आरोपी के नार्को एनालिसिस टेस्ट का मुद्दा भी उठा। कोर्ट ने बताया कि आरोपी के नार्को टेस्ट की अनुमति पहले ही दी जा चुकी है। यह परीक्षण गुजरात में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कराया जाएगा। अदालत ने संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिया है कि नार्को टेस्ट से पहले आरोपी की सभी आवश्यक चिकित्सीय जांच पूरी कर ली जाएं ताकि प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुरूप हो सके।

यह मामला नाबालिग की मां चंद्रमुनि उड़ाइन द्वारा दायर हैबियस कॉर्पस याचिका से जुड़ा हुआ है। याचिका में अपनी बेटी की बरामदगी और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। मामले की संवेदनशीलता और लंबे समय से चल रही कानूनी प्रक्रिया को देखते हुए हाई कोर्ट लगातार इसकी निगरानी कर रहा है।

अदालत के ताजा रुख से स्पष्ट है कि वह मामले की जांच में किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। आने वाली सुनवाई में जांच की प्रगति और नार्को टेस्ट की रिपोर्ट को लेकर महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आ सकते हैं।

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रजी अहमद एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग दो वर्षों का अनुभव है। उन्होंने न्यूज़ अरोमा में काम करते हुए विभिन्न विषयों पर लेखन किया और अपनी लेखन शैली को मजबूत बनाया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कंटेंट राइटिंग, न्यूज़ लेखन और मीडिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं में अच्छा अनुभव हासिल किया। वह लगातार सीखते हुए अपने करियर को आगे बढ़ा रहे हैं।