रात में होगा ब्लड सर्वे, छह जिलों के लैब तकनीशियनों को दिया जा रहा विशेष प्रशिक्षण

Archana Ekka
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रांची: फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) द्वारा राज्य के छह जिलों के लैब तकनीशियनों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सरायकेला-खरसावां, पश्चिमी सिंहभूम, चतरा, जामताड़ा, दुमका और गोड्डा जिलों के प्रयोगशाला तकनीशियनों को प्रशिक्षण दिया गया है। यह प्रशिक्षण नाइट ब्लड सर्वे (एनबीएस) माइक्रोस्कोपिक जांच को लेकर आयोजित किया गया है। विशेषज्ञों के अनुसार एनबीएस फाइलेरिया परजीवी की पहचान करने और प्रभावित क्षेत्रों में बीमारी की वास्तविक स्थिति का आकलन करने की महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। इस वर्ष जिन जिलों में मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) अभियान चलाया जाना है, वहां पहले एनबीएस कराना आवश्यक है, ताकि फाइलेरिया उन्मूलन सुनिश्चित की जा सके।

वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम (वीबीडीसीपी) के राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. बिरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि प्रशिक्षित तकनीशियन जमीनी स्तर पर फाइलेरिया के मामलों की सटीक पहचान कर सकेंगे। प्रशिक्षण में राष्ट्रीय मलेरिया अनुसंधान संस्थान (एनआईएमआर) और पटना स्थित वरिष्ठ क्षेत्रीय निदेशक कार्यालय के विशेषज्ञ माइक्रोस्कोपिक तकनीकों और परजीवी की पहचान से संबंधित व्यावहारिक जानकारी दी हैं।

विशेषज्ञों ने बताया कि फाइलेरिया जिसे हाथीपांव रोग भी कहा जाता है, वुचेरेरिया बैनक्रॉफ्टी नामक परजीवी के कारण होता है और मच्छरों के काटने से फैलता है। शुरुआती चरण में इसके लक्षण स्पष्ट नहीं होते, लेकिन समय पर इलाज नहीं होने पर हाथ-पैर या जननांगों में सूजन, हाइड्रोसील, बार-बार बुखार, त्वचा का मोटा होना और गंभीर संक्रमण जैसी जटिलताएं विकसित हो सकती हैं। राज्य आईईसी नोडल पदाधिकारी डॉ. राहुल किशोर सिंह ने लोगों से मच्छरदानी और रिपेलेंट का उपयोग करने, आसपास सफाई रखने तथा फाइलेरिया के शुरुआती लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टरी सलाह लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि समय पर पहचान और उपचार से इस बीमारी को नियंत्रित किया जा सकता है।

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अर्चना एक्का को पत्रकारिता का दो वर्ष का अनुभव है। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत इंटर्नशिप से की। इस दौरान उन्होंने झारखंड उजाला, सनमार्ग और इम्पैक्ट नेक्सस जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया। इन संस्थानों में उन्होंने रिपोर्टर, एंकर और कंटेंट राइटर के रूप में कार्य करते हुए न्यूज़ रिपोर्टिंग, एंकरिंग और कंटेंट लेखन का अनुभव प्राप्त किया। पत्रकारिता के क्षेत्र में वह सक्रिय रूप से काम करते हुए अपने अनुभव को लगातार आगे बढ़ा रही हैं।