
Missing Girl : जामताड़ा जिले के नारायणपुर थाना क्षेत्र में मानवता और संवेदनशीलता की मिसाल पेश करते हुए पुलिस एवं बाल कल्याण समिति (CWC) ने एक 9 वर्षीय बच्ची को सुरक्षित उसके परिजनों तक पहुंचा दिया। करमदाहा मंदिर परिसर में अकेली भटकती मिली बच्ची की पहचान कर उसे परिवार से मिलाने की इस पहल की स्थानीय लोगों ने सराहना की है।
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को करमदाहा मंदिर परिसर में एक नाबालिग बच्ची संदिग्ध परिस्थितियों में अकेली घूमती हुई दिखाई दी। आसपास मौजूद लोगों ने जब उससे पूछताछ की तो पता चला कि वह अपने परिवार से बिछड़ गई है। बच्ची घबराई हुई थी और अपने घर का पूरा पता भी स्पष्ट रूप से नहीं बता पा रही थी। इसके बाद मामले की सूचना नारायणपुर थाना पुलिस को दी गई।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और बच्ची को सुरक्षित संरक्षण में लेकर थाना लाई। पुलिस ने बच्ची से बातचीत कर उसके परिवार और निवास स्थान की जानकारी जुटाने का प्रयास किया। साथ ही मामले की सूचना बाल कल्याण समिति (CWC) जामताड़ा को भी दी गई ताकि आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा सके।
पुलिस और बाल कल्याण समिति के संयुक्त प्रयास से बच्ची की पहचान सफलतापूर्वक कर ली गई। जांच के दौरान पता चला कि बच्ची के पिता मथुरा भोक्ता हैं और उनका घर गिरिडीह जिले के गौदलियाजोर गांव में स्थित है। पहचान की पुष्टि के बाद संबंधित दस्तावेजों और आवश्यक सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की गई।
सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद बाल कल्याण समिति की निगरानी में बच्ची को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। कई घंटों की चिंता और तलाश के बाद अपनी बेटी को सुरक्षित पाकर परिवार के लोगों ने राहत की सांस ली और पुलिस तथा बाल कल्याण समिति का आभार व्यक्त किया।
इस पूरे घटनाक्रम में नारायणपुर थाना पुलिस की सक्रियता और त्वरित कार्रवाई महत्वपूर्ण रही। समय रहते की गई पहल के कारण बच्ची किसी भी संभावित खतरे से सुरक्षित रही और सकुशल अपने परिवार तक पहुंच सकी।
स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन की तत्परता की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे मामलों में संवेदनशील और तेज कार्रवाई से लोगों का पुलिस पर विश्वास मजबूत होता है। यह घटना समाज में जागरूकता और बच्चों की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने का भी संदेश देती है।

