
Rajya Sabha Election : झारखंड राज्यसभा चुनाव के नतीजों के बाद राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि चुनावी हार के बाद कांग्रेस के भीतर की कलह अब खुलकर सामने आने लगी है।
प्रतुल शाहदेव ने कहा कि राज्यसभा चुनाव में अपेक्षित सफलता नहीं मिलने के बाद कांग्रेस नेतृत्व और उसके नेताओं के बयानों से गठबंधन के भीतर बढ़ती असहजता स्पष्ट दिखाई दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपनी राजनीतिक विफलताओं की जिम्मेदारी स्वीकार करने के बजाय सहयोगी दलों पर आरोप लगाकर ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है।
भाजपा नेता ने कहा कि कांग्रेस के कुछ नेताओं द्वारा सहयोगी दलों के खिलाफ दिए गए हालिया बयान कई सवाल खड़े करते हैं। उन्होंने पूछा कि जिन राजनीतिक दलों के साथ कांग्रेस ने वर्षों तक गठबंधन कर चुनाव लड़े, सरकारें चलाईं और राजनीतिक साझेदारी निभाई, वही दल आज अचानक संदेह और आरोपों के घेरे में कैसे आ गए। उन्होंने कहा कि यदि सहयोगी दलों पर लगाए जा रहे आरोप सही हैं तो कांग्रेस को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वह इतने लंबे समय तक उनके साथ क्यों रही।
प्रतुल शाहदेव ने कांग्रेस पर दोहरे राजनीतिक मानदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी का इतिहास अवसरवादी राजनीति से जुड़ा रहा है। उनके अनुसार, जब तक राजनीतिक लाभ मिलता है तब तक सहयोगी दलों को महत्व दिया जाता है, लेकिन परिस्थितियां बदलते ही उन्हीं दलों पर सवाल उठाए जाने लगते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्यसभा चुनाव के नतीजों ने विपक्षी गठबंधन के भीतर मौजूद अंतर्विरोधों को उजागर कर दिया है। भाजपा नेता का दावा है कि चुनाव परिणामों के बाद कांग्रेस की प्रतिक्रिया उसके भीतर की बेचैनी और असंतोष को दर्शाती है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राज्यसभा चुनाव के बाद झारखंड की राजनीति में बयानबाजी का दौर और तेज हो सकता है। चुनाव परिणामों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों अपने-अपने राजनीतिक तर्क पेश कर रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में गठबंधन राजनीति और दलों के आपसी संबंधों को लेकर नई चर्चाएं देखने को मिल सकती हैं।
फिलहाल राज्यसभा चुनाव के बाद शुरू हुई यह सियासी जंग बयानबाजी के स्तर पर जारी है, जबकि विभिन्न दल अपने-अपने राजनीतिक रुख को जनता के सामने रखने में जुटे हुए हैं।

