
नयी दिल्ली : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रविवार को कहा कि उसने गोवा में लौह अयस्क के कथित गैर-कानूनी खनन मामले में 1,023 करोड़ रुपये से ज़्यादा की संपत्ति ज़ब्त की है, जिसमें सिंगापुर में मौजूद संपत्तियां भी शामिल हैं। ईडी ने एक बयान में कहा कि साल्गाओकर ग्रुप एंड असोसिएट्स (एवीएस ग्रुप) की ओर से बड़े पैमाने पर अवैध लौह अयस्क खनन किए जाने के मामले में धनशोधन अधिनियम के तहत 19 जून को एक अस्थायी आदेश जारी किया गया।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, एवीएस ग्रुप ने साल 2007 से 2012 के दौरान 10 माइनिंग लीज चलाए थे। इन 5 सालों में, उन्होंने गैरकानूनी तरीके से लौह अयस्क निकाला और उसका निर्यात कर लगभग 2492.95 करोड़ रुपये का मोटा मुनाफा कमाया। इस अयस्क को ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स (BVI) में बनी कुछ शेल कंपनियों को बेहद कम दाम पर बेचा गया। इन शेल कंपनियों ने आगे इस अयस्क को बेचकर विदेश में लगभग 2744.89 करोड़ रुपये जुटाए। इस तरह, उन 5 सालों में मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध सौदों का कुल हिसाब 5237.84 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।

