
अभिनेता मिमोह चक्रवर्ती इन दिनों अपनी फिल्म हॉन्टेड 3डी: इकोज ऑफ द पास्ट की सफलता का आनंद ले रहे हैं। हाल ही में उन्होंने अपने करियर और व्यक्तित्व में आए आयामों पर खुलकर बात की। मिमोह ने बताया कि जब उनकी पहली हॉन्टेड फिल्म रिलीज हुई थी, तब सफलता को देखने का उनका नजरिया बिल्कुल अलग था। अब वह हर उपलब्धि को एक नई शुरुआत और बड़ी जिम्मेदारी के रूप में देखते हैं।
अनुभव ने बनाया ज्यादा जिम्मेदार
मिमोह के अनुसार, करियर के शुरुआती दिनों में वह काफी बेपरवाह और जल्दबाज थे। हालांकि, समय के साथ मिले अनुभवों ने उन्हें अधिक परिपक्व और जिम्मेदार बना दिया। उन्होंने कहा कि अब वह हर फैसले को गंभीरता से लेते हैं और अपने काम को पहले से ज्यादा समझदारी के साथ आगे बढ़ाते हैं।
दर्शकों को दिया सफलता का श्रेय
अभिनेता का मानना है कि हॉन्टेड 3डी: इकोज ऑफ द पास्ट की सफलता का सबसे बड़ा श्रेय दर्शकों को जाता है। उन्होंने कहा कि किसी भी फिल्म की असली ताकत उसके दर्शक होते हैं। साथ ही उन्होंने यह भी माना कि सफलता के बाद कलाकारों और फिल्म निर्माताओं के सामने सबसे बड़ा सवाल होता है कि आगे क्या नया और बेहतर किया जाए। मिमोह का मानना है कि सफलता चाहे कितनी भी बड़ी क्यों न हो, इंसान को हमेशा जमीन से जुड़ा रहना चाहिए।

