
पिछले दिनों विश्व संगीत दिवस के अवसर पर लोकप्रिय रैपर और गायक बादशाह ने अपनी शक्ति और आजादी की आजादी को लेकर अपने विचार साझा किये। उनका मानना है कि संगीत कलाकार किसी भी शैली में बंधता नहीं है, बल्कि उन्हें अपनी पहचान बनाता है और मुखरता से अभिनय करने का अवसर देता है। बादशाह ने कहा कि हर कलाकार की अपनी अलग आवाज़ और शैली होती है, जिसका सम्मान किया जाना चाहिए।
संगीत ने कभी सीमा में नहीं बांधा
इन दिनों रियलिटी शो इंडियन आइडल 16 में जज की भूमिका निभा रहे बादशाह ने कहा था कि म्यूजिक ने उन्हें कभी भी किसी भी तरह से पुराने जमाने में फिट होने के लिए मजबूर नहीं किया। उनके अनुसार, संगीत का उद्देश्य केवल मनोरंजन करना नहीं है, बल्कि लोगों के दिलों को छूना और टेम्पलेट्स बनाना भी है। उन्होंने कहा कि संगीत की हर शैली की अपनी कहानी होती है और यही विविधता इसकी खामी है।
नये कलाकारों को मंच देना जरूरी
बदमाशों का मानना है कि संगीत से जुड़े मंच केवल प्रतिभाओं की खोज नहीं करते, बल्कि उन्हें पहचानने का भी काम करते हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने कई शानदार कलाकारों को अपने सपने को साकार करते हुए देखा है। ऐसे मंच कलाकारी प्रदान करते हैं और उन्हें अपनी कला को दुनिया के सामने रखने का अवसर प्रदान करते हैं।
प्रयोगों से मजबूत होगा भारतीय संगीत
भारतीय संगीत के भविष्य पर बात करते हुए बादशाह ने कहा कि आने वाला समय केवल आभूषण ही नहीं, बल्कि निडर भी है। आज कला नई शैली, तकनीक और प्रयोगों के साथ संगीत को नई दिशा दे रहे हैं। उनके अनुसार, सफलता इस बात पर प्रतिबंध नहीं है कि कोई कलाकार वहां मौजूद है, बल्कि इस पर प्रतिबंध यह है कि संगीत के प्रति वह समर्पित और समर्पित है। यही भारतीय पैजियन संगीत को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दी जा रही है।

