कोचिंग और निजी शिक्षण संस्थानों में सुरक्षा मानकों को अनिवार्य करने की मांग, झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन ने शिक्षा मंत्री को भेजा ज्ञापन

लखनऊ कोचिंग आग हादसे के बाद झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन ने सभी कोचिंग संस्थानों में फायर सेफ्टी, एनओसी, इमरजेंसी एग्जिट, सीसीटीवी और सुरक्षा मानकों को अनिवार्य करने की मांग की है।

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रांची: लखनऊ के अलीगंज स्थित एक कोचिंग संस्थान में आग लगने से 15 छात्रों की हुई दर्दनाक मौत के बाद झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन ने राज्य के सभी कोचिंग संस्थानों एवं निजी शिक्षण संस्थानों में सुरक्षा से संबंधित मानकों को अनिवार्य रूप से लागू करने की मांग उठाई है। इस संबंध में एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय राय ने झारखंड सरकार के शिक्षा मंत्री को ई-मेल के माध्यम से विस्तृत ज्ञापन प्रेषित किया है। अजय राय ने कहा कि लखनऊ की घटना अत्यंत पीड़ादायक और चिंताजनक है, जिसने देशभर के कोचिंग संस्थानों और शिक्षण परिसरों में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए है। उन्होंने दिवंगत छात्रों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की तथा घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।

ज्ञापन में राज्य के सभी कोचिंग संस्थानों, स्कूलों एवं निजी शिक्षण परिसरों के लिए फायर सेफ्टी एनओसी का वार्षिक नवीनीकरण, फायर एक्सटिंग्विशर, स्मोक डिटेक्टर, फायर अलार्म एवं स्प्रिंकलर सिस्टम की व्यवस्था की मांग की है। इसके अलावा दो आपातकालीन निकास द्वार, नियमित फायर ड्रिल व आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण, सीसीटीवी कैमरे एवं सुरक्षा गार्ड की तैनाती, भवनों की संरचनात्मक सुरक्षा प्रमाणपत्र तथा क्षमता से अधिक विद्यार्थियों के बैठने पर रोक लगाने की मांग की गई है। इसके अलावा बिना अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र और आवश्यक अनुमतियों के संचालित संस्थानों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने, सभी कोचिंग संस्थानों का नियमित संयुक्त निरीक्षण कराने, प्राथमिक उपचार एवं आपातकालीन चिकित्सा समन्वय की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा विद्यार्थियों एवं अभिभावकों के लिए शिकायत व हेल्पलाइन प्रणाली विकसित करने का भी आग्रह किया गया है।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।