
Ayodhya Ram Temple: भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) की केरल इकाई के सचिव बिनॉय विश्वम ने रविवार को आरोप लगाया कि अयोध्या राम मंदिर में मिले चंदे के कथित गबन ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का ‘‘असली चेहरा’’ उजागर कर दिया है।
विश्वम ने भाजपा पर राजनीतिक लाभ के लिए धर्म और भगवान राम का इस्तेमाल करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने एक बयान में आरोप लगाया कि संघ परिवार ने राजनीतिक लाभ उठाने के लिए बाबरी मस्जिद ढहाई थी और अब राम मंदिर धन जुटाने का माध्यम बन गया है।
विश्वम ने कथित घोटाले का जिक्र करते हुए दावा किया कि मंदिर से 1,400 करोड़ रुपये का गबन किया गया और श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए सोने एवं चांदी के आभूषण भी गायब हैं।
उन्होंने मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह का नेतृत्व करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की भी आलोचना की और आरोप लगाया कि कार्यक्रम के दौरान आध्यात्मिक गुरुओं को दरकिनार कर दिया गया।
वामपंथी नेता ने दावा किया कि इस विवाद को लेकर देशभर के श्रद्धालु भाजपा से सवाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता आगामी चुनावों में आरएसएस और भाजपा को ‘‘सबक सिखाएगी।’’
चंदे के कथित गबन का विवाद सात जून को सामने आया था। उत्तर प्रदेश सरकार ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर 13 जून को एक विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया था। एसआईटी की प्रारंभिक जांच के आधार पर 25 जून को प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस ने मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। इन सभी को 29 जून तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
उत्तर प्रदेश सरकार के अधिकारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दोषी पाए जाने वाले हर व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।

