खूंटी में जैविक खेती की अपार संभावनाएं, इसे कृषि क्षेत्र में अग्रणी बनाना हमारा संकल्प : अर्जुन मुंडा

खूंटी के कृषि विज्ञान केंद्र में आयोजित कृषक-वैज्ञानिक संवाद में पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने जैविक खेती और श्री अन्न के महत्व पर जोर देते हुए किसानों की आय बढ़ाने की बात कही।

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रांची : पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने गुरुवार को कृषि विज्ञान केंद्र, खूंटी में आयोजित कृषक गोष्ठी सह कृषक-वैज्ञानिक अंतर्मिलन कार्यक्रम में “जैविक खेती एवं श्री अन्न का महत्व” विषय पर किसानों, कृषि वैज्ञानिकों एवं कृषि विशेषज्ञों के साथ संवाद किया। इस मौके पर श्री मुंडा ने कहा कि झारखंड की समृद्ध कृषि परंपरा को आधुनिक तकनीक, प्राकृतिक खेती और श्री अन्न (मिलेट्स) के माध्यम से नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। जैविक खेती न केवल किसानों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम है, बल्कि यह हमारी मिट्टी, पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के स्वस्थ भविष्य की भी आधारशिला है। खूंटी में जैविक खेती की अपार संभावनाएं हैं। हमारा संकल्प है कि खूंटी कृषि के क्षेत्र में अग्रणी बने और जैविक खेती की अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करे। यह गर्व का विषय है कि खूंटी और सिमडेगा के आम अपनी उत्कृष्ट गुणवत्ता के कारण अब देशभर में एक अलग पहचान बना रहे हैं। यह हमारे किसानों की मेहनत तथा कृषि क्षेत्र में बढ़ती संभावनाओं का सशक्त प्रमाण है। इस अवसर पर तोरपा के पूर्व विधायक कोचे मुंडा, जिलाध्यक्ष आनंद कुमार, डॉ. ए.के. सिंह जी (पूर्व कुलपति, कृषि विश्वविद्यालय, सबौर), डॉ. दीपक राय (अध्यक्ष, कृषि विज्ञान केंद्र), डॉ. अनुरंजन कुमार, राजेश कुमार, किसान मोर्चा के उपाध्यक्ष सहित खूंटी जिले के किसान भाई-बहन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।