
लो ब्लड प्रेशर यानी हाइपोटेंशन आज के समय में एक आम स्वास्थ्य समस्या बनती जा रही है। खासतौर पर महिलाओं और किशोरियों में यह परेशानी अधिक देखने को मिलती है। लो बीपी होने पर चक्कर आना, कमजोरी महसूस होना, धुंधला दिखाई देना, थकान और शरीर में ऊर्जा की कमी जैसी समस्याएं सामने आती हैं। गर्मियों के मौसम में यह स्थिति और भी गंभीर हो सकती है क्योंकि शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी जल्दी होने लगती है।
लो ब्लड प्रेशर के पीछे क्या हैं कारण?
लो ब्लड प्रेशर के कई कारण हो सकते हैं। शरीर में पानी की कमी, अत्यधिक पसीना आना, लंबे समय तक खाली पेट रहना, खून की कमी, विटामिन की कमी और हार्मोनल बदलाव इसके प्रमुख कारणों में शामिल हैं। कुछ मामलों में दवाइयों के साइड इफेक्ट, हृदय संबंधी समस्याएं या अन्य स्वास्थ्य स्थितियां भी बीपी को कम कर सकती हैं। यदि बार-बार ब्लड प्रेशर लो होता है, तो इसकी वास्तविक वजह जानना जरूरी हो जाता है।
गुड़ और हींग का घरेलू नुस्खा
आयुर्वेदिक विशेषज्ञों के अनुसार, गुड़ और हींग का संयोजन लो बीपी में राहत देने वाला घरेलू उपाय माना जाता है। इसके लिए शुद्ध गुड़ का एक छोटा टुकड़ा लें और उसमें एक छोटा सा छेद कर लें। अब उस छेद में एक चुटकी हींग भर दें। इसके बाद इस गुड़ को मुंह में रखकर धीरे-धीरे चूसें। माना जाता है कि यह उपाय शरीर को ऊर्जा देने के साथ ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने में मदद कर सकता है।
कैसे काम करता है यह उपाय?
गुड़ में मौजूद प्राकृतिक शर्करा शरीर को तुरंत ऊर्जा प्रदान करती है, जिससे कमजोरी और थकान में राहत मिल सकती है। वहीं हींग पाचन तंत्र को बेहतर बनाने और शरीर में संतुलन बनाए रखने में सहायक मानी जाती है। जब दोनों का सेवन एक साथ किया जाता है, तो यह शरीर को ताजगी और हल्की राहत महसूस करा सकता है। हालांकि इसके प्रभाव व्यक्ति-विशेष पर अलग-अलग हो सकते हैं।
लो बीपी में रखें इन बातों का ध्यान
लो ब्लड प्रेशर से बचाव के लिए लंबे समय तक भूखे न रहें और दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें। भोजन समय पर करें और डॉक्टर की सलाह के अनुसार नमक का संतुलित सेवन बनाए रखें। नियमित नींद और संतुलित आहार भी बीपी को नियंत्रित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
डॉक्टर की सलाह है जरूरी
घरेलू उपाय अस्थायी राहत दे सकते हैं, लेकिन यदि ब्लड प्रेशर बार-बार बहुत कम हो जाता है या चक्कर, बेहोशी और कमजोरी जैसी समस्याएं लगातार बनी रहती हैं, तो चिकित्सकीय जांच करवाना आवश्यक है। किसी भी घरेलू नुस्खे को अपनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर रहता है।

