
हैदराबाद: तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने रविवार को प्रभारी मंत्रियों को मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की निगरानी करने का निर्देश दिया और कांग्रेस नेताओं को इस प्रक्रिया के दौरान शिथिल रहने के खिलाफ चेतावनी दी।
मुख्यमंत्री ने एसआईआर के मुद्दे पर हुई एक बैठक में ऑनलाइन माध्यम से हिस्सा लिया। इस बैठक में उपमुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्क, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष महेश गौड़, पार्टी की प्रदेश इकाई मामलों की प्रभारी मीनाक्षी नटराजन, कांग्रेस सचिव सचिन सावंत, मंत्रियों, सांसदों, विधायकों, विधान परिषद सदस्यों, निर्वाचन क्षेत्र प्रभारियों और एसआईआर समन्वयकों ने हिस्सा लिया।
एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, बैठक में रेड्डी ने पार्टी नेताओं को निर्देश दिया कि वे एसआईआर प्रपत्र जमा करने की आखिरी तारीख, यानी तीन अगस्त तक गांधी भवन न जाएं।
जिलों में पार्टी नेताओं की सक्रिय भागीदारी न होने पर नाराजगी जताते हुए रेड्डी ने कहा कि जो नेता एसआईआर प्रक्रिया के दौरान शिथिल रहेंगे, उनके नाम पर निगम में अध्यक्ष पद या अन्य पदों के लिए विचार नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि जिन निर्वाचन क्षेत्रों में सांसदों को प्रभारी नियुक्त किया गया है, वहां अपनी जिम्मेदारियां निभाने में नाकाम रहने वाले सांसदों के खिलाफ सख़्त कार्रवाई की जाएगी।
चूंकि एसआईआर की समय-सीमा 3 अगस्त तक बढ़ा दी गई है, इसलिए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अतिरिक्त समय का इस्तेमाल लोगों से संपर्क साधने मौके के तौर पर किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि 10 प्रभारी मंत्री 20 जुलाई को सभी जिलों में एसआईआर पर समीक्षा बैठकें करेंगे, और सांसदों को निर्देश दिया कि वे संसद के मानसून सत्र में भाग लेने के साथ-साथ समय-समय पर समीक्षा बैठकें भी आयोजित करें। मुख्यमंत्री ने सांसदों, विधायकों और विधान पार्षदों को एसआईआर समीक्षा बैठकों में शामिल न होने के खिलाफ चेतावनी भी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले 100 बूथ स्तरीय एजेंट (बीएलए) को कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मिलने का अवसर दिया जाएगा।

