मुश्किल दौर में किताब बनीं मनीषा कोइराला की ताकत, एक पुस्तक ने बदल दी सोच

Manu Shrivastava
3 Min Read
मनीषा कोइराला
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अभिनेत्री मनीषा कोइराला ने हाल ही में साझा किया कि जीवन के एक चुनौतीपूर्ण दौर में किताबों ने उन्हें संभालने और आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें साझा करते हुए बताया कि एक किताब ने उनके सोचने का नजरिया बदल दिया और उन्हें भावनात्मक रूप से मजबूत बनने में मदद की।

दोस्त के उपहार ने छोड़ी गहरी छाप

मनीषा ने बताया कि करीब एक महीने पहले उनके एक दोस्त ने उन्हें ‘Letters to a Young Poet’ उपहार में दी थी। शुरुआत में उन्होंने किताब को अपने बिस्तर के पास रख दिया था और सोचा था कि समय मिलने पर इसे पढ़ेंगी। जब आखिरकार उन्होंने इस किताब को पढ़ा, तो उन्हें महसूस हुआ कि कुछ किताबें हमारी जिंदगी में सही समय पर आती हैं और तब तक चुपचाप इंतजार करती हैं, जब तक हमें उनकी सबसे ज्यादा जरूरत न हो।

किताब से मिलीं जीवन की तीन बड़ी सीख

अभिनेत्री के अनुसार, इस पुस्तक ने उन्हें तीन महत्वपूर्ण बातें सिखाईं। पहली, अपने भीतर झांकना, क्योंकि कई सवालों के जवाब हमारे अंदर ही छिपे होते हैं। दूसरी, अकेलेपन को स्वीकार करना, क्योंकि आत्म-विकास और रचनात्मकता अक्सर शांति और एकांत में ही पनपती है। तीसरी, जीवन पर भरोसा रखना और हर सवाल का जवाब तुरंत खोजने की बजाय समय को अपना काम करने देना।

भावनाओं को समझने का माध्यम बनीं किताबें

मनीषा ने कहा कि एक कलाकार के रूप में कई बार भावनाओं को शब्दों में व्यक्त करना कठिन हो जाता है। ऐसे समय में किताबें उनके लिए मार्गदर्शक की तरह काम करती हैं। वे उन भावनाओं को समझने में मदद करती हैं, जिन्हें व्यक्त करने के लिए सही शब्द नहीं मिलते।

पढ़ने के बाद मिला मानसिक सुकून

किताब पूरी करने के बाद मनीषा को एक अलग तरह की शांति महसूस हुई। उन्होंने कहा कि ऐसा लगा जैसे किसी ने उनके मन की गहराइयों को समझ लिया हो। उनके अनुसार, अच्छी किताबों की सबसे बड़ी खूबसूरती यही है कि वे केवल जवाब नहीं देतीं, बल्कि हमें खुद से दोबारा जोड़ देती हैं और जीवन को नए नजरिए से देखने की प्रेरणा देती हैं।

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