
महुआडांड़ : महुआडांड़ प्रखंड के चटकपुर निवासी स्वर्गीय महेंद्र बड़ाइक की 25वीं पुण्यतिथि पर उनके बच्चों ने समाज को सेवा का संदेश दिया।पुत्र राजेश बड़ाइक और पुत्री ललिता कुमारी ने रविवार को महुआडांड़ स्थित आरपीएस चैरिटेबल ट्रस्ट अनाथ आश्रम में रह रहे बच्चों के साथ पूरा दिन बिताया और उनके लिए विशेष भोजन का आयोजन कराया।
भोजन के साथ बंटी खुशियां
आश्रम पहुंचते ही राजेश और ललिता ने सभी बच्चों को अपने हाथों से प्रेमपूर्वक भोजन परोसा। थाली में दाल, सब्जी, चावल, रोटी और मिठाई परोसी गई। भोजन के बाद सभी बच्चों के बीच लड्डू का वितरण किया गया। लड्डू पाकर बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे। कई बच्चों ने कहा आज हमें घर जैसा लगा।माता-पिता की सबसे बड़ी श्रद्धांजलि सेवा हैचटकपुर निवासी ललिता कुमारी वर्तमान में राजकीय उच्च विद्यालय, बांसकरचा में शिक्षिका हैं। उन्होंने कहा: आज 25 साल हो गए पापा को गए हुए। हमें लगता है कि उनकी सबसे बड़ी श्रद्धांजलि यही है कि हम जरूरतमंद बच्चों की सेवा करें। समाज के सभी सक्षम लोगों से अपील है कि वे भी आगे आएं और ऐसे काम करें।राजेश बड़ाइक ने कहा: पापा हमेशा कहते थे – इंसान की पहचान उसके काम से होती है। आज हमने वही करने की कोशिश की। बच्चों की मुस्कान देखकर लगा कि पापा स्वर्ग से हमें आशीर्वाद दे रहे हैं।
प्रेरणा बनी पहल
कार्यक्रम में उपस्थित समाजसेवियों और आश्रम के संचालकों ने स्व. महेंद्र बड़ाइक को श्रद्धांजलि अर्पित की। सभी ने कहा कि चटकपुर परिवार की यह पहल समाज के लिए प्रेरणादायक है।कार्यक्रम का समापन बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना के साथ हुआ।
समाज को संदेश
इस आयोजन ने एक बार फिर साबित किया कि पुण्यतिथि को भी उत्सव बनाया जा सकता है- वो भी सेवा और मानवता के जरिए। चटकपुर परिवार की यह पहल महुआडांड़ के लिए मिसाल बन गई है।

