यूरिया के लिए 100 फुट ऊंची टंकी पर चढ़कर बायोमीट्रिक सत्यापन करा रहे किसान

Archana Ekka
2 Min Read
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

बलरामपुर (उप्र) : बलरामपुर जिले के हरैया इलाके से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। यहां महिलाओं, बुजर्गों और किसानों को यूरिया उर्वरक के लिए जान जोखिम में डालकर कथित तौर पर करीब 100 फुट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़कर बायोमेट्रिक सत्यापन करना पड़ रहा है। सोशल मीडिया पर कथित प्रकरण का वीडियो प्रसारित होने के बाद जिलाधिकारी ने मामले की जांच कराने के आदेश दिए हैं।

ये वीडियो कथित तौर पर बुधवार का है जो हरैया सतघरवा विकास खंड के कोहरोड़ा सहकारी समिति का बताया जा रहा है। वीडियो में एक कर्मी पानी टंकी पर बायोमीट्रिक मशीन लेकर बैठा है और किसानों से अंगूठा लगवा कर रुपये गिनते हुए उर्वरक देने की कार्यवाही कर रहा है। एक दूसरे वीडियो में उर्वरक लेने के लिए पानी की टंकी पर चढ़ी एक महिला अपने कागजात दिखा रही है, जबकि अन्य किसान उर्वरक लेने के लिए अपनी जान जोखिम में डाल कर पानी की टंकी पर चढ़ते और उतरते देखे जा सकते हैं।

किसान राम प्रकाश ने आरोप लगाया, ‘‘कर्मी हवा के लिए पानी की टंकी पर चढ़ जाते है। अगर कोई गिर पड़े तो उसके हाथ पैर टूट जायेंगे और जिंदगी बेकार हो जाएगी। ’’ नवलगंज के ग्राम प्रधान राम निवास गौतम ने आरोप लगाया कि सचिव 15-20 दिन तक नहीं आते हैं जिसके कारण लापरवाही हो रही है और इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है।
वीडियो सामने आने के बाद जिलाधिकारी विपिन जैन ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए है। जिलाधिकारी ने बृहस्पतिवार को बताया कि यह मामला नेपाल से सटे सीमावर्ती इलाके का है। संभावना है कि नेटवर्क न आने के कारण ऐसा हुआ हो।
उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

Share This Article
अर्चना एक्का को पत्रकारिता का दो वर्ष का अनुभव है। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत इंटर्नशिप से की। इस दौरान उन्होंने झारखंड उजाला, सनमार्ग और इम्पैक्ट नेक्सस जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया। इन संस्थानों में उन्होंने रिपोर्टर, एंकर और कंटेंट राइटर के रूप में कार्य करते हुए न्यूज़ रिपोर्टिंग, एंकरिंग और कंटेंट लेखन का अनुभव प्राप्त किया। पत्रकारिता के क्षेत्र में वह सक्रिय रूप से काम करते हुए अपने अनुभव को लगातार आगे बढ़ा रही हैं।