एग्रो टूरिज्म के रूप में विकसित होगा डेमोटांड़ का कृषि अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र

हजारीबाग का डेमोटांड कृषि अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र एग्रो टूरिज्म हब बनेगा, जहाँ चाय-कॉफी परीक्षण, समेकित खेती, आधुनिक प्रशिक्षण और कृषि नवाचार से किसानों को नई आय के अवसर मिलेंगे।

News Aroma
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रांची : हजारीबाग स्थित कृषि अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र, डेमोटांड को एग्रो टूरिज्म के रुप में विकसित किया जायेगा। लगभग 160 एकड़ क्षेत्र में विकसित यह अत्याधुनिक फार्म समेकित कृषि प्रणाली (Integrated Farming System) का उत्कृष्ट उदाहरण है। यहां कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन एवं अन्य सहायक गतिविधियों को एकीकृत कर किसानों के लिए टिकाऊ एवं लाभकारी कृषि मॉडल विकसित किया जा रहा है। साथ ही, राज्यभर के लगभग 2,000 किसानों को आवासीय प्रशिक्षण प्रदान कर आधुनिक कृषि तकनीकों, वैज्ञानिक खेती, प्राकृतिक संसाधनों के समुचित उपयोग तथा नवीन कृषि नवाचारों की जानकारी दी जाती है, जिससे उनकी उत्पादकता एवं आय में वृद्धि सुनिश्चित हो सके।

मंगलवार को इसके निरीक्षण के दौरान कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने बताया कि झारखंड में पहली बार 20 एकड़ क्षेत्र में प्रायोगिक तौर पर चाय की खेती की गई है। इसके साथ ही उद्यान विभाग की ओर से कॉफी की खेती का भी पहली बार परीक्षण किया जा रहा है। प्रारंभिक परिणाम अत्यंत उत्साहजनक हैं। यदि परीक्षण पूरी तरह सफल रहता है तो राज्य के अनुकूल क्षेत्रों में इन फसलों का चरणबद्ध विस्तार किया जाएगा, जिससे किसानों को परंपरागत खेती के साथ-साथ उच्च मूल्य वाली वैकल्पिक फसलों का भी लाभ मिल सके।

मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की मंशा डेमोटांड कृषि अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र को एग्रो टूरिज्म के एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की है, जहाँ कृषि, प्रकृति, अनुसंधान और पर्यटन का समन्वित अनुभव लोगों को प्राप्त हो। इसके अंतर्गत प्री-फैब्रिकेटेड कॉटेज, आधुनिक प्रदर्शन इकाइयाँ, अनुभव आधारित कृषि पर्यटन, प्रशिक्षण केंद्र, उद्यान भ्रमण, जैविक खेती प्रदर्शन क्षेत्र तथा अन्य आकर्षक सुविधाएँ विकसित की जाएँगी, जिससे यह केंद्र किसानों, विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं पर्यटकों के लिए समान रूप से प्रेरणादायी बन सके।

उन्होंने कहा कि झारखंड की कृषि को केवल उत्पादन तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि नवाचार, वैज्ञानिक अनुसंधान, मूल्य संवर्धन और कृषि पर्यटन से जोड़कर किसानों के लिए आय के नए स्रोत विकसित किए जाएंगे। राज्य सरकार का उद्देश्य कृषि को आधुनिक, लाभकारी एवं रोजगारोन्मुख बनाते हुए झारखंड को कृषि नवाचार के क्षेत्र में नई पहचान दिलाना है।

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