
नई दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश यशवंत वर्मा के आवास पर आग लगने के बाद कथित तौर पर बड़ी मात्रा में नकदी मिलने के मामले में प्राथमिकी दर्ज किए जाने और अदालत की निगरानी में जांच कराए जाने के अनुरोध संबंधी याचिका पर सुनवाई करने से शुक्रवार को इनकार कर दिया। न्यायमूर्ति पी. एस. नरसिम्हा और न्यायमूर्ति आलोक अराधे की पीठ ने अधिवक्ता घनश्याम उपाध्याय की याचिका खारिज कर दी। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता घनश्याम उपाध्याय ने तर्क दिया कि पद से इस्तीफा दे देने मात्र से किसी पूर्व जज की आपराधिक जवाबदेही समाप्त नहीं हो जाती।

