‘वंदे मातरम्’ ने देशभक्ति की भावना जगाई, स्वतंत्रता संग्राम में भारतीयों को एकजुट किया: उपराष्ट्रपति

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि वंदे मातरम् ने स्वतंत्रता संग्राम में देशभक्ति जगाई और अलग-अलग क्षेत्रों, भाषाओं, धर्मों व सामाजिक पृष्ठभूमि के भारतीयों को एकजुट किया।

3 Min Read
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

नई दिल्ली: उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने बुधवार को कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान भारतीयों में देशभक्ति की भावना जगाने और अलग-अलग क्षेत्रों, भाषाओं, धर्मों और सामाजिक पृष्ठभूमियों के लोगों को एकजुट करने में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ ने अहम भूमिका निभाई। ‘वंदे मातरम्’ गीत की रचना के 150 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित ‘हर घर तिरंगा’ बाइक रैली को यहां भारत मंडपम में संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ के दो शब्द ने ‘‘उस समय हर भारतीय के मन में देशभक्ति की भावना को जगाया’’ और यही वह मुख्य ताकत बनी जिसने भारत से ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन को उखाड़ फेंका।

उन्होंने कहा, ‘‘हमारी आजादी की लड़ाई भारतीय सोच, भारतीय भावना और भारतीय चेतना की जागृति थी। इसने अलग-अलग क्षेत्रों, भाषाओं, धर्मों और सामाजिक पृष्ठभूमियों के लोगों को आजादी के एक साझे सपने और ‘एक भारत’ के साझे सपने के जरिए एकजुट किया।’’ राधाकृष्णन ने कहा कि जब बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने इन अमर शब्दों को लिखा, तो उन्होंने ‘‘आजाद माहौल में सांस लेने की चाह रखने वाले इस राष्ट्र की आत्मा को आवाज दी’’।उप राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘हमारे अनगिनत स्वतंत्रता सेनानियों के लिए यह गीत महज कुछ शब्द नहीं था, बल्कि हिम्मत, त्याग और उम्मीद का स्रोत था।’’ उन्होंने कहा कि कई स्वतंत्रता सेनानी अपने दिलों में ‘वंदे मातरम्’ की भावना के साथ फांसी के फंदे पर चढ़ गए।

राधाकृष्णन ने ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं सालगिरह पर संसद में हुई विशेष चर्चा का जिक्र करते हुए कहा कि यह चर्चा 12 घंटे से अधिक समय तक चली और यह ‘‘सत्र की सबसे दिलचस्प और सार्थक चर्चाओं में से एक’’ थी। उपराष्ट्रपति ने कहा कि यह उनके लिए खास तौर पर अहम था क्योंकि इस विषय पर चर्चा राज्यसभा के सभापति के रूप में उनके ‘‘पहले सत्र’’ के दौरान हुई। उन्होंने कहा कि भारत अब हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 2047 तक ‘विकसित भारत’ के दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। इस कार्यक्रम में केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री वीरेंद्र कुमार, विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू और केंद्रीय कोयला और खान मंत्री जी. किशन रेड्डी भी मौजूद थे।

Share This Article
विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।