चंडीगढ़: कांग्रेस द्वारा अमरिंदर सिंह राजा वडिंग को पंजाब इकाई के अध्यक्ष पद से हटाने का फैसला किए जाने के बीच बृहस्पतिवार को वडिंग ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर अपने परिचय में बदलाव कर ‘पूर्व पीपीसीसी अध्यक्ष’ लिखा।

पंजाब विधानसभा चुनाव अगले साल की शुरुआत में होने हैं और उससे पहले प्रदेश इकाई में कई सप्ताह से जारी अंदरूनी कलह के बीच कांग्रेस ने वडिंग को बदलने का फैसला किया।
पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीपीसीसी) के नए अध्यक्ष की नियुक्ति की घोषणा जल्द होने की उम्मीद है।
इससे पहले, पंजाब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के पद से हटाए जाने के बारे में पूछे गए सवाल पर वडिंग ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया था। वडिंग ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैं अभी इस बारे में कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता।’’
पार्टी सूत्रों ने बताया कि पंजाब प्रभारी महासचिव सचिन पायलट द्वारा संगठन से ली गई प्रतिक्रिया के बाद वडिंग को पद से हटाने का किया गया।
सूत्रों ने बताया कि पांच सितंबर को छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की जगह पंजाब प्रभारी नियुक्त किए गए पायलट ने राज्य के पार्टी नेताओं के साथ कई दौर की बैठकें कीं और इसके बाद पार्टी आलाकमान को अपनी रिपोर्ट सौंपी, ताकि नेतृत्व में बदलाव पर फैसला लिया जा सके।
सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस आलाकमान ने वडिंग को अपने फैसले की जानकारी दे दी थी।
कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि पार्टी पिछले कई दिनों से राज्य में नेतृत्व के मुद्दे पर चर्चा कर रही थी और इसके बाद पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष को बदलने का फैसला किया गया।
कांग्रेस ऐसे नेता को नियुक्त करना चाहती है जो 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के विभिन्न गुटों को साथ लेकर चल सके।
पार्टी सूत्रों ने कहा कि पूर्व मंत्री विजय इंदर सिंगला आगामी चुनाव से पहले इस पद की दौड़ में सबसे आगे हैं।
सूत्रों के अनुसार, सिंगला के अलावा पूर्व ओलंपियन और जालंधर कैंट से विधायक परगट सिंह, पूर्व विधायक राणा के.पी. सिंह, राजा सांसी से विधायक सुखबिंदर सिंह सरकारिया, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और गुरदासपुर से सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा के नाम भी प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए चर्चा में हैं।


