देहरादून: लोकप्रिय गायक जुबिन नौटियाल के पिता और उत्तराखंड की चकराता सीट से 2022 में भाजपा के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ चुके रामशरण नौटियाल ने पार्टी में ‘सम्मान न मिलने’ का आरोप लगाते हुए इस्तीफा देने की बात कही है।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रदेश इकाई ने हालांकि उनका इस्तीफा मिलने से इनकार किया है और इस पर टिप्पणी करने से मना कर दिया है।
नौटियाल ने ‘पीटीआई-वीडियो’ से कहा कि वह भाजपा से इस्तीफा दे चुके हैं।
नौटियाल ने बताया कि उन्होंने अपना इस्तीफा व्यक्तिगत रूप से न देकर अपने स्टेनोग्राफर के माध्यम से भेजा था, इसलिए संभव है कि वह प्रदेश भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट तक नहीं पहुंचा हो।
कहा कि भट्ट तक त्यागपत्र नहीं पहुंचने की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने बुधवार को इसे उनके ई-मेल पर भी भेज दिया।
पार्टी छोड़ने की वजह पूछे जाने पर नौटियाल ने कहा कि कोई व्यक्ति जिस जगह पर पिछले 12 साल से काम कर रहा हो, उसे ऐसे ही नहीं छोड़ देता।
उन्होंने कहा, ‘‘व्यक्ति जहां भी काम करे, उसे सम्मान मिलना चाहिए। अगर सम्मान नहीं मिलेगा तो वह उससे किनारा करेगा।’’
नौटियाल ने कहा कि उनके पार्टी छोड़ने की पूरी वजह के बारे में भट्ट से ही पूछा जाना चाहिए, लेकिन शिष्टाचार के नाते व्यक्तिगत तौर पर सभी को सम्मान दिया जाना चाहिए।
नौटियाल ने कहा कि पार्टी चाहे दो-तीन लोग चला रहे हों, लेकिन नाराजगी उन्हीं लोगों से होती है जो ‘‘ड्राइविंग सीट’’ पर हैं।
नौटियाल ने कहा कि उन्हें मंचों पर भी अपमानित किया गया, लेकिन जब उन्हें अपने लिए कुछ नहीं चाहिए तो वह इस तरह का व्यवहार क्यों सहें।
उन्होंने कहा, ‘‘हमने सरकार से अपने लिए कभी कुछ मांगा नहीं। मैं अपने इलाके के लिए मांगता रहा—कुछ मिला भी है और कुछ नहीं मिला, लेकिन हर चीज का अपने ही लोग विरोध करते हैं।’’
नौटियाल के इस्तीफे के बारे में पूछे जाने पर प्रदेश भाजपा के मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि पार्टी को उनका इस्तीफा नहीं मिला है।
चौहान ने कहा कि न तो प्रदेश अध्यक्ष और न ही जिला अध्यक्ष को नौटियाल से इस संबंध में कोई पत्र मिला है, इसलिए इस पर प्रतिक्रिया देने का कोई सवाल ही नहीं उठता।
नौटियाल अप्रैल 2014 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। उन्होंने 2022 में चकराता विधानसभा सीट से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रीतम सिंह के खिलाफ चुनाव लड़ा था, लेकिन 9,436 मतों से हार गए थे।
सूत्रों के अनुसार, स्थानीय नेताओं के साथ उनकी लगातार खींचतान और नाराजगी की खबरें आती रही हैं। वर्ष 2023 में उन्होंने अपनी ही पार्टी के नेताओं पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए थे।
प्रदेश के जौनसार क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाले नौटियाल व्यवसायी हैं। राज्य गठन के समय वर्ष 2000 में वह देहरादून जिला पंचायत के अध्यक्ष भी रहे थे।


