


CID के अनुसार, राजन कुमार पर JSSC-CGL परीक्षा में शामिल कई अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ पहुंचाने का आरोप है। जांच में सामने आया है कि आरोपी ने कई अभ्यर्थियों को पश्चिम बंगाल के नियामतपुर स्थित एक होटल में ले जाकर परीक्षा के प्रश्न और उनके उत्तर रटवाए थे।





नियामतपुर के होटल में क्या हुआ था?
जांच एजेंसी के मुताबिक, राजन कुमार ने JSSC-CGL के कई अभ्यर्थियों को पश्चिम बंगाल के नियामतपुर स्थित एक होटल में पहुंचाया था। आरोप है कि वहां अभ्यर्थियों को परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों और उनके उत्तरों को याद कराया गया।
CID का दावा है कि इस तरीके से कई अभ्यर्थियों को परीक्षा में अनुचित लाभ पहुंचाया गया।
कुछ अभ्यर्थी परीक्षा में हुए सफल
मामले की जांच में यह भी सामने आया है कि जिन अभ्यर्थियों को कथित तौर पर अनुचित लाभ पहुंचाया गया, उनमें से कुछ अभ्यर्थी JSSC-CGL परीक्षा में सफल भी हुए।
अब CID इस पूरे मामले में राजन कुमार की भूमिका और उसके संपर्क में रहे अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
CID की जांच में कैसे आया राजन का नाम?
JSSC-CGL परीक्षा गड़बड़ी मामले में पहले से गिरफ्तार आरोपियों और कुछ अभ्यर्थियों से पूछताछ के दौरान राजन कुमार का नाम सामने आया था। इसके बाद CID की SIT ने उपलब्ध जानकारी और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उसकी भूमिका की जांच शुरू की।
जांच में कथित तौर पर राजन का इस पूरे मामले से कनेक्शन सामने आने के बाद टीम ने पटना में कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।
अब आगे क्या करेगी CID?
राजन कुमार की गिरफ्तारी के बाद CID उससे पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि अभ्यर्थियों को होटल तक कौन लेकर गया था, प्रश्न और उत्तर उन्हें किस माध्यम से उपलब्ध हुए और इस कथित नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे।
CID की जांच आगे बढ़ने के साथ JSSC-CGL परीक्षा गड़बड़ी मामले में और भी खुलासे और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।
