


72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स के आयोजन स्थल को दिल्ली से गुजरात किए जाने को लेकर चर्चा तेज है। इस फैसले पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। अब अभिनेता परेश रावल ने भी इस विवाद पर अपनी राय रखते हुए गुजरात में समारोह आयोजित किए जाने का बचाव किया है।





परेश रावल ने आलोचकों से पूछा सवाल
गुजरात को आयोजन स्थल बनाए जाने पर हो रही आलोचना के जवाब में परेश रावल ने सवाल किया कि आखिर राष्ट्रीय स्तर के इस समारोह को सिर्फ दिल्ली तक सीमित रखने की जरूरत क्यों है। उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा, “क्या गुजरात बांग्लादेश या पाकिस्तान में है? यह भी हमारे अपने देश का हिस्सा है।” उनके इस बयान के बाद बहस और तेज हो गई है।
हर राज्य में होने चाहिए राष्ट्रीय कार्यक्रम
परेश रावल ने आगे कहा कि देश के बड़े राष्ट्रीय कार्यक्रम अलग-अलग राज्यों में आयोजित किए जाने चाहिए। उनके मुताबिक, गुजरात में नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स का आयोजन करने में कुछ भी गलत नहीं है। उन्होंने कहा कि इस तरह के समारोह देश के हर राज्य में होने चाहिए, जिससे राष्ट्रीय आयोजनों की पहुंच अलग-अलग हिस्सों तक हो सके।
दिल्ली तक सीमित रखने पर उठाया सवाल
अभिनेता की टिप्पणी का मुख्य फोकस इस बात पर रहा कि राष्ट्रीय कार्यक्रमों को एक ही शहर तक सीमित क्यों रखा जाए। उनके अनुसार, भारत के अलग-अलग राज्यों में ऐसे बड़े आयोजनों की मेजबानी होने से देश के विभिन्न हिस्सों को राष्ट्रीय मंच से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
समारोह से आगे बढ़ी बहस
नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स के वेन्यू को लेकर शुरू हुई बहस अब सिर्फ समारोह के आयोजन स्थल तक सीमित नहीं रह गई है। इसके साथ यह सवाल भी जुड़ गया है कि क्या देश के बड़े राष्ट्रीय कार्यक्रमों को नियमित रूप से अलग-अलग राज्यों में आयोजित किया जाना चाहिए। परेश रावल का बयान इसी व्यापक चर्चा को एक नया नजरिया देता है।
