किसानों की आमदनी बढ़ाने को सहकारिता में आधुनिक तकनीक पर जोर

किसानों की आमदनी बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत करने के लिए झारखंड में सहकारिता को आधुनिक तकनीक से जोड़ने पर जोर, कोल्ड स्टोरेज, रागी और लाह उत्पादन योजनाओं पर फोकस।

Razi Ahmad
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रांची: कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा है कि किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए सहकारिता क्षेत्र को आधुनिक तकनीक से जोड़ना जरूरी है।
नेपाल हाउस में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में उन्होंने विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की और अधिकारियों को समयसीमा के भीतर काम पूरा करने के साथ तकनीकी गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल योजनाओं पर बजट खर्च करना नहीं, बल्कि ऐसी परियोजनाओं को धरातल पर उतारना है, जिनका किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को लंबे समय तक लाभ मिल सके। इसी क्रम में हर विधानसभा क्षेत्र में प्रस्तावित कोल्ड स्टोरेज-कम-मार्केटिंग सेंटर की डीपीआर को आधुनिक जरूरतों के अनुरूप तैयार करने का निर्देश दिया गया।

उन्होंने देश की प्रमुख लॉजिस्टिक और कोल्ड-चेन कंपनियों से तकनीकी सुझाव लेने पर भी जोर दिया। राज्य के करीब 20 जिलों में 5,000 मीट्रिक टन क्षमता वाले कोल्ड स्टोरेज स्थापित किए गए हैं। हालांकि, कई केंद्रों में तकनीकी खामियों के कारण एफपीओ, सहकारी समितियों और थर्ड पार्टी ऑपरेटरों को संचालन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

बैठक में सरकारी स्कूलों में मध्याह्न भोजन के तहत रागी के आटे की आपूर्ति के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। इसके लिए रांची, खूंटी और सरायकेला-खरसावां में पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने की योजना है। मंत्री ने कहा कि इस पहल से स्थानीय किसानों को बाजार मिलेगा और स्कूली बच्चों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जा सकेगा।

इसके अलावा ‘लाह पोषक समृद्धि योजना’ की भी समीक्षा की गई। योजना के तहत लाह उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सीमियालता, कुसुम, बेर और कैलियेंड्रा जैसे उपयोगी पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे। करीब 20 डिसमिल भूमि पर एकीकृत खेती को बढ़ावा देकर किसानों के लिए अतिरिक्त आय के स्रोत विकसित करने की योजना है।

मंत्री ने अधिकारियों को सभी योजनाओं में पारदर्शिता बनाए रखने, तकनीकी गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने और किसानों तक योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए।

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रजी अहमद एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग दो वर्षों का अनुभव है। उन्होंने न्यूज़ अरोमा में काम करते हुए विभिन्न विषयों पर लेखन किया और अपनी लेखन शैली को मजबूत बनाया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कंटेंट राइटिंग, न्यूज़ लेखन और मीडिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं में अच्छा अनुभव हासिल किया। वह लगातार सीखते हुए अपने करियर को आगे बढ़ा रहे हैं।