बॉलीवुड एक्ट्रेस कैटरीना कैफ इन दिनों अपनी पोस्टपार्टम बॉडी को लेकर सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का सामना कर रही हैं. अभिनेत्री के शरीर को लेकर की जा रही टिप्पणियों के बीच अब टीवी एक्ट्रेस श्रद्धा आर्या उनके समर्थन में सामने आई हैं. उन्होंने बॉडी शेमिंग की संस्कृति पर सवाल उठाते हुए महिलाओं के प्रति संवेदनशीलता बरतने की बात कही है.
‘यह समाज के बारे में ज्यादा बताता है’
कैटरीना को लेकर हो रही आलोचना पर प्रतिक्रिया देते हुए श्रद्धा आर्या ने कहा, “It says more about the society than her.” उनके इस बयान का मतलब है कि किसी महिला के शरीर को लेकर की जाने वाली ऐसी टिप्पणियां उस महिला से ज्यादा समाज की सोच को दर्शाती हैं. श्रद्धा की इस प्रतिक्रिया को सोशल मीडिया पर समर्थन मिल रहा है.
बच्चे के जन्म के बाद शरीर में बदलाव सामान्य
प्रेग्नेंसी और बच्चे के जन्म के बाद महिलाओं के शरीर में कई तरह के बदलाव आते हैं. वजन में बदलाव भी इसी प्रक्रिया का हिस्सा हो सकता है. श्रद्धा आर्या ने इसी संदर्भ में महिलाओं पर बनाए जाने वाले अवास्तविक सौंदर्य मानकों पर सवाल उठाया. उनका कहना है कि किसी महिला से बच्चे को जन्म देने के तुरंत बाद एक खास शारीरिक रूप में लौटने की उम्मीद करना उचित नहीं है.
बॉडी शेमिंग पर उठी आवाज
सोशल मीडिया पर कैटरीना के वजन को लेकर होने वाली टिप्पणियों ने एक बार फिर बॉडी शेमिंग की चर्चा छेड़ दी है. श्रद्धा के बयान के बाद कई यूजर्स ने भी सहानुभूति और समझदारी के साथ महिलाओं को देखने की जरूरत पर जोर दिया. लोगों का कहना है कि प्रेग्नेंसी के बाद हर महिला के शरीर को ठीक होने और बदलावों के साथ सहज होने के लिए पर्याप्त समय मिलना चाहिए.
फैंस ने श्रद्धा की सोच को सराहा
श्रद्धा आर्या के बयान के बाद उनके कई प्रशंसकों ने अभिनेत्री की बात का समर्थन किया. सोशल मीडिया यूजर्स ने बॉडी पॉजिटिविटी और महिलाओं के प्रति संवेदनशील व्यवहार की जरूरत बताई. कैटरीना कैफ के मामले ने यह सवाल भी खड़ा किया है कि सार्वजनिक हस्तियों के निजी शारीरिक बदलावों पर टिप्पणी करते समय सोशल मीडिया यूजर्स को किस तरह की मर्यादा और संवेदनशीलता रखनी चाहिए.
पोस्टपार्टम फेज में जरूरी है संवेदनशीलता
कैटरीना को लेकर हुई ऑनलाइन ट्रोलिंग के बीच श्रद्धा आर्या की प्रतिक्रिया ने पोस्टपार्टम महिलाओं के प्रति समाज के रवैये पर बहस को सामने ला दिया है. उनका संदेश यही है कि महिलाओं के शरीर को लेकर जल्दबाजी में फैसले या टिप्पणियां करने के बजाय उन्हें सम्मान और जरूरी समय दिया जाना चाहिए.


