रांची: पेट्रोल पंपों पर यूपीआई से भुगतान पर प्रस्तावित अतिरिक्त शुल्क (MDR) को लेकर पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन (PDA) साउथ छोटानागपुर, झारखंड ने चिंता जताई है। एसोसिएशन के प्रेसिडेंट राजहंस मिश्रा ने इस संबंध में केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री को पत्र भेजकर इस संभावित लागत को डीलर कमीशन की लागत संरचना में शामिल करने और कमीशन की समीक्षा करने की मांग की है।
एसोसिएशन ने अपने पत्र में उदाहरण देते हुए बताया कि यदि किसी पेट्रोल पंप पर रोजाना 2,000 रुपये से अधिक के 200 पात्र UPI लेनदेन होते हैं और प्रत्येक लेनदेन पर 5 रुपये की अतिरिक्त लागत लागू होती है, तो करीब 1,000 रुपये प्रतिदिन का अतिरिक्त खर्च आएगा। इस हिसाब से यह राशि लगभग 30,000 रुपये महीने और करीब 3.65 लाख रुपये सालाना हो सकती है। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि यह एक अनुमान है और वास्तविक राशि लेनदेन की संख्या तथा लागू शुल्क पर निर्भर करेगी।
एसोसिएशन के मुताबिक पेट्रोल पंप संचालन में कर्मचारियों का वेतन, बिजली, बैंकिंग व डिजिटल भुगतान, सुरक्षा, ऑटोमेशन, उपकरणों का रखरखाव और वैधानिक अनुपालन जैसे कई खर्च शामिल हैं। ऐसे में अतिरिक्त डिजिटल भुगतान लागत से डीलरों के मौजूदा मार्जिन पर असर पड़ेगा और परिचालन खर्च बढ़ सकता है।
राजहंस मिश्रा ने कहा कि पेट्रोलियम डीलरों ने हमेशा डिजिटल और कैशलेस भुगतान को बढ़ावा देने में सहयोग किया है। एसोसिएशन ने मांग की है कि UPI/MDR की प्रस्तावित लागत को कमीशन की लागत संरचना में शामिल किया जाए, डीलर कमीशन की व्यापक समीक्षा की जाए और अतिरिक्त डिजिटल भुगतान खर्च की भरपाई के लिए उचित रिइंबर्समेंट या मुआवजा व्यवस्था पर विचार किया जाए।


