‘ऑपरेशन त्रिशूल’: आंध्रप्रदेश के नेल्लोर में मक्के के खेत में गांजे की खेती करने पर छह लोग गिरफ्तार

आंध्र प्रदेश के नेल्लोर जिले में मक्के के खेत के बीच दो एकड़ में छिपी गांजे की अवैध खेती का खुलासा हुआ। पुलिस ने 1,731 पौधे बरामद कर छह लोगों को गिरफ्तार किया।

Archana Ekka
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अमरावती : आंध्र प्रदेश के नेल्लोर जिले में मक्के के विशाल खेत के बीच दो एकड़ क्षेत्र में छिपाकर की जा रही गांजे की अवैध खेती का खुलासा होने के बाद छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि आसूचना शाखा को गुप्त सूचना मिलने के बाद 15 अक्टूबर को दत्तलूर मंडल में दत्तलूर गांव के दक्षिण और राष्ट्रीय राजमार्ग-565 के पश्चिम में गांजे की खेती का पता चला।

उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई ‘ऑपरेशन त्रिशूल’ के तहत की गई, जो मादक पदार्थों, महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों तथा सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से पुलिस की एक पहल है। नेल्लोर जिले की पुलिस अधीक्षक (एसपी) अजिता वेजेंडला ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘पुख्ता जानकारी मिलने पर हमारे दलों ने मक्के के 9.5 एकड़ के खेत में लगभग दो एकड़ हिस्से में छिपाकर उगाए गए गांजे के करीब 1,731 पौधे बरामद किए हैं। इस अवैध खेती के सिलसिले में छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है।’’

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पुलिस ने इन पौधों का पता लगाने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया तथा ये पौधे तीन से छह फीट ऊंचे थे। उन्होंने यह भी बताया कि जांचकर्ताओं को मौके पर खेती के लिए ड्रिप सिंचाई प्रणाली लगी हुई मिली। शुरुआती जांच से पता चलता है कि यह फसल पिछले तीन महीनों से दत्तलूर के यू. सुब्बा रेड्डी की कथित देखरेख में उगाई जा रही थी। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोग उन नौ लोगों में शामिल हैं, जिन पर इस खेती में शामिल होने का संदेह है। उन्होंने कहा कि जांच से यह भी संकेत मिला है कि मुख्य आरोपी पहले भी चेन्नई, दिल्ली और बेंगलुरु में गांजा तस्करी में शामिल रहा है।

पुलिस गुंटूर के पवन रेड्डी और गोपाल रेड्डी के कथित वित्तीय संबंधों की जांच कर रही है, जिन्होंने कथित तौर पर मदद मुहैया कराई थी। वह पुंगनूर के श्रीकांत के संबंधों की भी जांच कर रही है, जिसने फसल खरीदने के लिए कथित तौर पर अग्रिम भुगतान किया था। पुलिस के अनुसार दत्तलूर थाने में स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम (एनडीपीएस अधिनियम) की संबंधित धाराओं के तहत एक मामला दर्ज किया गया।

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अर्चना एक्का को पत्रकारिता का दो वर्ष का अनुभव है। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत इंटर्नशिप से की। इस दौरान उन्होंने झारखंड उजाला, सन्मार्ग और इम्पैक्ट नेक्सस जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया। इन संस्थानों में उन्होंने रिपोर्टर, एंकर और कंटेंट राइटर के रूप में कार्य करते हुए न्यूज़ रिपोर्टिंग, एंकरिंग और कंटेंट लेखन का अनुभव प्राप्त किया। पत्रकारिता के क्षेत्र में वह सक्रिय रूप से काम करते हुए अपने अनुभव को लगातार आगे बढ़ा रही हैं।