नयी दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार सुबह मंत्रिमंडल के अपने सहयोगियों, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेताओं और आम लोगों के साथ ‘चलो यमुना’ अभियान में भाग लिया।
इस अभियान के दौरान यमुना नदी के दोनों किनारों पर स्थित 70 घाट से हाथों से कूड़ा हटाया गया।
गुप्ता ने लोगों से ‘यमुना प्रहरी’ बनकर नदी को साफ रखने में योगदान देने की भी अपील की।
गुप्ता ने आईटीओ के पास हाथी घाट पर नदी के किनारे से कूड़ा उठाया।
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने देखा कि देवी-देवताओं की खंडित मूर्तियां और पूजा में इस्तेमाल होने वाली अन्य सामग्री बड़ी मात्रा में नदी में फेंकी गई है। बड़ी मात्रा में प्लास्टिक भी नदी में फेंका गया है।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि यमुना में आस्था रखने वाले सभी लोगों की जिम्मेदारी है कि वे इसे साफ रखें।
उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार यमुना की सफाई के लिए कई कदम उठा रही है। इनमें अलग-अलग स्थानों पर सीवेज शोधन संयंत्र स्थापित कर नदी में गिरने वाले नालों के गंदे पानी का शोधन करना और नालों से गाद निकालना शामिल है।
केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा, दिल्ली सरकार के मंत्रियों प्रवेश साहिब सिंह, मनजिंदर सिंह सिरसा, आशीष सूद, पंकज सिंह एवं रविंदर इंद्राज के अलावा भाजपा सांसदों और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने विभिन्न स्थानों पर इस अभियान में भाग लिया।
दिल्ली के मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, हजारों युवाओं, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) और गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक इस अभियान में भाग लिया और यमुना की सफाई में योगदान दिया।
गुप्ता ने कहा, ‘‘यमुना की सफाई का संकल्प तभी पूरा हो सकता है, जब सरकारी प्रयासों के साथ-साथ समाज के हर वर्ग के लोग भी इसमें सक्रिय भागीदारी करें।’’
मुख्यमंत्री ने दिल्लीवासियों से अपील की कि वे यमुना या उसके घाटों पर पूजा सामग्री, खंडित मूर्तियां, प्लास्टिक या अन्य कचरा न छोड़ें। उन्होंने कहा कि हर नागरिक को अपनी आदतें बदलनी होंगी और यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी कचरा नदी में न पहुंचे।
उन्होंने कहा कि सरकार नदी को प्रदूषित करने वाले स्रोतों को रोकने के लिए जरूरी कार्यों को प्राथमिकता दे रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘जब हजारों नागरिक एक उद्देश्य के लिए एकजुट होते हैं, तो यह बड़े बदलाव की नींव बनती है।’’



