विसर्जन के लिए तीन स्थान चिह्नित
नगर निगम क्षेत्र में मूर्ति विसर्जन के लिए मुख्य रूप से तीन स्थान निर्धारित किए गए हैं। इनमें कोयल नदी तट, शाहपुर और अमानत नदी तट शामिल हैं। इन सभी जगहों पर सुरक्षा और जरूरी सुविधाओं को बेहतर बनाने का काम किया जा रहा है।

इसी सिलसिले में नगर आयुक्त ने डालटनगंज स्थित कोयल रिवर फ्रंट का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए।
नदी में बैरिकेडिंग, टूटे अवरोधों की भी मरम्मत
विसर्जन के दौरान श्रद्धालु पानी में निर्धारित सीमा से आगे न जाएं, इसके लिए नदी के भीतर बांस के खंभों की मदद से मजबूत बैरिकेडिंग लगाई जा रही है। वहीं, श्रद्धालुओं के खड़े होने और विसर्जन देखने के लिए बनाए गए स्थानों पर पुरानी और क्षतिग्रस्त बैरिकेडिंग की मरम्मत की जा रही है।
प्रशासन की कोशिश है कि भीड़ के बीच किसी तरह की अव्यवस्था न हो और लोग सुरक्षित दूरी से विसर्जन देख सकें।
अंधेरे और खुले गड्ढों से बचाव की तैयारी
नदी तटों पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था की जा रही है। इसके अलावा, आसपास मौजूद गड्ढों और खुले नालों जैसे खतरनाक स्थानों को ढकने की तैयारी है, ताकि अंधेरे या असावधानी के कारण कोई दुर्घटना न हो।
आपात स्थिति से निपटने के लिए गोताखोर रहेंगे मुस्तैद
विसर्जन के दौरान किसी आपात स्थिति से निपटने के लिए स्थानीय गोताखोरों की तैनाती के निर्देश भी दिए गए हैं। ये गोताखोर नदी तटों पर निगरानी रखेंगे और जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराने में मदद करेंगे।
निरीक्षण के दौरान नगर निगम के नोडल पदाधिकारी सतीश कुमार, इश्तियाक अली, छोटेलाल समेत अन्य निगमकर्मी मौजूद रहे।
श्रद्धालुओं से प्रशासन की खास अपील
नगर आयुक्त ने लोगों से अपील की है कि वे विसर्जन के दौरान निर्धारित सुरक्षा सीमाओं का पालन करें और नदी में उतरते समय विशेष सावधानी बरतें। बैरिकेडिंग पार करने और असुरक्षित स्थानों पर जाने से बचना भी जरूरी है।
अब प्रशासन की चुनौती है कि श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह के बीच सुरक्षा व्यवस्था को भी पूरी तरह सुनिश्चित किया जाए। कोयल और अमानत नदी तटों पर की जा रही तैयारियों का उद्देश्य मूर्ति विसर्जन को शांतिपूर्ण, व्यवस्थित और सुरक्षित बनाना है।


