बॉलीवुड अभिनेत्री कृति सेनन ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के संभावित दुरुपयोग और लोगों की निजी पहचान की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। एक हालिया कार्यक्रम में उन्होंने इस तकनीक के सकारात्मक पहलुओं के साथ-साथ इससे पैदा होने वाले खतरों पर भी बात की। उनका मानना है कि एआई जितना शक्तिशाली होता जा रहा है, उसके जिम्मेदार इस्तेमाल की जरूरत भी उतनी ही बढ़ रही है।

तकनीक का इस्तेमाल सोच-समझकर करना जरूरी
कृति सेनन ने एआई को एक शक्तिशाली साधन बताया, जिसका सही इस्तेमाल कई क्षेत्रों में उपयोगी साबित हो सकता है। हालांकि, उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यदि इस तकनीक का गलत तरीके से उपयोग किया जाता है, तो इससे गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं। इसलिए एआई को अपनाते समय उसके संभावित नुकसान और सामाजिक प्रभावों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
निजी तस्वीरों और पहचान की सुरक्षा अहम
अभिनेत्री ने लोगों की तस्वीरों और व्यक्तित्व से जुड़े अधिकारों की सुरक्षा पर जोर दिया। एआई की मदद से किसी व्यक्ति की तस्वीर, आवाज या पहचान का इस्तेमाल उसकी अनुमति के बिना किया जा सकता है। ऐसी परिस्थितियों में निजता और व्यक्तिगत अधिकारों की रक्षा करना एक महत्वपूर्ण चुनौती बन जाता है। कृति की चिंता इसी व्यापक बहस से जुड़ी है।
एआई को बताया साधन, मंजिल नहीं
कृति ने तकनीक को लेकर अपना नजरिया बताते हुए कहा कि एआई एक साधन है, मंजिल नहीं। उनका यह विचार इस बात पर जोर देता है कि तकनीक का उपयोग मानवीय जरूरतों को पूरा करने के लिए होना चाहिए, न कि उसे हर समस्या का अंतिम समाधान मान लिया जाए।
मजबूत सुरक्षा व्यवस्था की जरूरत
जैसे-जैसे एआई की क्षमताएं विकसित हो रही हैं, वैसे-वैसे लोगों की निजी पहचान और अधिकारों की रक्षा के लिए मजबूत सुरक्षा उपायों की जरूरत बढ़ रही है। कृति सेनन की टिप्पणी ने मनोरंजन जगत में भी एआई के जिम्मेदार इस्तेमाल और व्यक्तिगत स्वतंत्रता से जुड़े सवालों को चर्चा में ला दिया है।


