नई दिल्ली: कांग्रेस ने रविवार को चुनाव आयोग पर ECINET सॉफ्टवेयर से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक नहीं करने का आरोप लगाते हुए पारदर्शिता पर सवाल उठाए। पार्टी का दावा है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में इस्तेमाल किए गए सॉफ्टवेयर की जानकारी सामने नहीं आने से पूरी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर संदेह पैदा हो रहा है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग जानकारी देने से इनकार कर रहा है, जबकि मतदाता सूची के पुनरीक्षण में इस्तेमाल की गई तकनीक के बारे में जनता को स्पष्ट जानकारी मिलनी चाहिए।

ECINET सॉफ्टवेयर का नाम और वर्जन बताने से इनकार का आरोप
जयराम रमेश ने ‘द हिंदुस्तान टाइम्स’ की एक रिपोर्ट साझा की, जिसके मुताबिक चुनाव आयोग ने SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची में गलतियों और विसंगतियों का पता लगाने के लिए इस्तेमाल किए गए सॉफ्टवेयर का नाम और वर्जन बताने से इनकार कर दिया।
रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयोग ने जानकारी साझा नहीं करने के पीछे व्यावसायिक गोपनीयता, व्यापार रहस्य और बौद्धिक संपदा से जुड़े आधारों का हवाला दिया। आयोग का कहना है कि मांगी गई जानकारी सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम के तहत सार्वजनिक किए जाने से छूट प्राप्त है।
जयराम रमेश ने पारदर्शिता पर उठाए सवाल
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने चुनाव आयोग के रुख की आलोचना करते हुए कहा कि ECINET सॉफ्टवेयर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल को लेकर पारदर्शिता की कमी से नागरिकों के बीच SIR प्रक्रिया की विश्वसनीयता प्रभावित हो रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग बार-बार जानकारी देने से बच रहा है, क्योंकि इससे मतदाता सूची के पुनरीक्षण में कथित तौर पर हुई केंद्रीयकृत हेराफेरी का खुलासा हो सकता है। हालांकि, ये आरोप कांग्रेस की ओर से लगाए गए हैं।
TCS से जानकारी मिलने पर भी कांग्रेस ने उठाए सवाल
जयराम रमेश ने यह भी सवाल किया कि ECINET सॉफ्टवेयर को किस कंपनी ने विकसित किया, इसकी जानकारी चुनाव आयोग के बजाय टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) से क्यों मिली।
कांग्रेस नेता के मुताबिक, चुनाव आयोग को इस संबंध में स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए, ताकि सॉफ्टवेयर की भूमिका और SIR प्रक्रिया में उसके इस्तेमाल को लेकर स्थिति साफ हो सके।
SIR में AI के इस्तेमाल को लेकर भी विवाद
कांग्रेस ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल को लेकर भी चुनाव आयोग से सवाल किए। जयराम रमेश ने पूछा कि आयोग ने SIR प्रक्रिया में AI के इस्तेमाल से बार-बार इनकार क्यों किया, जबकि उनके अनुसार मतदाता सूची के पुनरीक्षण में इस तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा था।
इस पूरे विवाद के बीच ECINET सॉफ्टवेयर, AI के संभावित इस्तेमाल और SIR प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। कांग्रेस ने चुनाव आयोग से संबंधित जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है, ताकि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया और उसकी विश्वसनीयता को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब मिल सके।


