ठाणे/पालघर: मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं और याददाश्त चले जाने की समस्या से जूझ रही 70 वर्षीय एक महिला को ‘एआई’ और ‘गूगल सर्च’ की मदद से 16 दिन के बाद उनके परिजनों से मिला दिया गया। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि कर्नाटक के हावेरी जिले में अपने गृहनगर रानेबेन्नूर से रजाक बी (70) गलती से किसी गलत वाहन में बैठ गईं और छह अक्टूबर को पालघर जिले के नालासोपारा पहुंच गईं।

अधिकारियों का कहना है कि उसके बाद अचोले थाने के पुलिसकर्मियों ने उन्हें विरार फाटा के समर्थ आश्रम में ठहरा दिया।
जीवन आनंद संस्था (जेएएस) के न्यासी किसान चौरे ने बताया, ‘‘जेएएस के दल ने स्थानीय जानकारी का विश्लेषण करने के लिए गूगल सर्च तकनीकों और चैटजीपीटी का इस्तेमाल किया, जिसकी मदद से वह रानेबेन्नूर में पुलिस से संपर्क कर पाया। हमने स्थानीय सामुदायिक नेटवर्कों को भी सक्रिय किया। इसके जरिए हम उनकी बेटियों, दामादों और भतीजों तक पहुंच सके, जो 22 अक्टूबर को उन्हें अपने साथ घर ले गए।’’ इस सफल प्रयास की चर्चा करते हुए चौरे ने कहा, ‘‘प्रौद्योगिकी रास्ता दिखाती है और करूणा परिवारों को साथ लाती है।’’


