जयपुर: भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने संस्कार और सेवा के भाव को भारतीय संस्कृति की असली पहचान बताते हुए सोमवार को कहा कि भारतीय संस्कृति में हमारे संस्कारों का महत्व बहुत अधिक है। वह सिरोही जिले के आबूरोड स्थित ब्रह्माकुमारी संस्था के मुख्यालय शांति वन में ‘विश्व नवीनीकरण के लिए आध्यात्मिक जागृति’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि अच्छे विचार तभी सार्थक हैं जब वे संस्कार बनते हैं। मैं मानता हूं कि भारतीय संस्कृति में हमारे संस्कारों का महत्व बहुत अधिक होता है। और संस्कार तभी प्रभावी होता है जब वह सेवा के भाव से समाज के बीच में जाता है।’’ संस्कार और सेवा का यह भाव भारतीय संस्कृति की असली पहचान है। नवीन ने कहा ‘‘हम मानते हैं कि आने वाले समय में हम इस पद्धति से, अपने सेवा व समर्पण के भाव से इस देश को आगे बढ़ाएंगे।’’
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस देश को सेवा और समर्पण के भाव से नेतृत्व दे रहे हैं और वे हमेशा मानते हैं कि अगर इस देश को आगे बढ़ाना है तो 140 करोड़ देशवासियों को एकसाथ आकर, एक स्वप्न के साथ, एक भाव के साथ आगे बढ़ना होगा। नवीन ने कहा कि मन की शक्ति सबसे बड़ी शक्ति होती है, मन ही मनुष्य के जीवन में बंधन का कारण है और मन ही उस मुक्ति का भी कारण बनता है। उन्होंने कहा, ‘‘आज जब मैं मन की शक्ति की चर्चा में कर रहा हूं तो हम सब को अपने अंदर के उस अहम् को खत्म करने का जरूर प्रयास करना चाहिए जो ‘मैं’ शब्द से आता है।’ इस अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ भी मौजूद थे।


