तबीयत बिगड़ने पर घाटी पार कर अस्पताल पहुंचाया
मिली जानकारी के अनुसार, रविवार शाम करीब चार बजे मक्सीमा तिर्की की अचानक तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद परिजन उन्हें कंधे पर उठाकर दुर्गम रास्ते और घाटी पार करते हुए बंदोटोली गांव तक ले गए। वहां से वाहन की व्यवस्था कर उन्हें गुमला सदर अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि, अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
अंतिम संस्कार के लिए शव ले जाने में भी हुई परेशानी
महिला की मौत के बाद परिजन जब शव को अंतिम संस्कार के लिए वापस गांव ले जाने लगे, तो सड़क की कमी एक बार फिर बड़ी समस्या बन गई। गांव तक वाहन नहीं पहुंच पाने के कारण परिजनों को शव कंधे पर उठाकर करीब दो किलोमीटर तक पैदल जाना पड़ा। इस घटना ने ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कई बार शिकायत के बाद भी नहीं बनी सड़क
ग्रामीणों का कहना है कि गांव तक सड़क निर्माण कराने के लिए वे कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से गुहार लगा चुके हैं। इसके बावजूद अब तक सड़क का निर्माण नहीं हो सका है। ग्रामीणों के अनुसार, उन्हें हर बार आश्वासन ही मिला है।
सड़क नहीं होने के कारण गांव के लोगों को रोजमर्रा के आवागमन के साथ-साथ बीमारी और आपातकालीन परिस्थितियों में भी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित भी गांव का दौरा कर चुकी हैं, लेकिन सड़क की समस्या अब तक बनी हुई है।
सड़क निर्माण की मांग ने फिर पकड़ा जोर
मक्सीमा तिर्की के शव को दो किलोमीटर तक कंधे पर ढोने की घटना ने एक बार फिर गांव तक सड़क पहुंचाने की जरूरत को सामने ला दिया है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधि उनकी समस्या पर गंभीरता से ध्यान देंगे और जल्द सड़क निर्माण की दिशा में कदम उठाएंगे। अब देखना होगा कि वर्षों से लंबित इस मांग पर प्रशासन कब कार्रवाई करता है।


