सीआईपी की मनोवैज्ञानिक ने प्रधान लिपिक पर लगाया छेड़छाड़ का आरोप, जांच में जुटी पुलिस

रांची के CIP कांके में क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट ने प्रधान लिपिक पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया। केस दर्ज होने के बाद आरोपी फरार है, पुलिस तलाश में जुटी है।

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रांची: केंद्रीय मनोचिकित्सा संस्थान (CIP) कांके की एक क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट ने संस्थान के प्रधान लिपिक जमील अख्तर पर यौन उत्पीड़न का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता की शिकायत पर कांके थाना में केस दर्ज कर लिया गया है। घटना के बाद से आरोपी लिपिक फरार है और पुलिस उसकी तलाश में जुट गई है। यह घटना रविवार की शाम करीब सात बजे की है। पीड़िता के अनुसार, घटना के समय वह अपने क्वार्टर में अकेली थीं। तभी प्रधान लिपिक जमील अख्तर उनके क्वार्टर में पहुंचा और उनके साथ छेड़छाड़ की। जब पीड़िता ने इसका विरोध किया और शोर मचाया, तो आरोपी ने उन्हें दबाने का प्रयास किया। पीड़िता की शिकायत के मुताबिक, आरोपी ने भागने के बाद महिला ने पड़ोसियों और निदेशक को इसकी जानकारी दी। पीड़िता के पति दूसरे राज्य में कार्यरत हैं।

निदेशक ने प्रधान लिपिक का प्रभार छीना

मामले की जानकारी मिलने के बाद सीआईपी के निदेशक ने जमील अख्तर से प्रधान लिपिक का प्रभार वापस ले लिया। साथ ही संस्थान में उनके प्रवेश पर भी रोक लगा दी गई है। पुलिस छानबीन में यह बात भी सामने आई है कि आरोपी ने पहली पत्नी के रहते हुए दूसरी शादी की थी। इसके बाद वह संस्थान के ही एक अन्य जूनियर अधिकारी से दूसरी शादी करने के बाद दूसरे राज्यों से भी उसकी ट्रेनिंग के लिए आने वाली सरकारी फंड से पैसे लेने की बात सामने आई है। पुलिस फिलहाल आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।