जमशेदपुर: टाटा स्टील में वेतन विसंगति के मामले में करीब 1,900 कर्मचारियों को राहत मिलने जा रही है। प्रबंधन और टाटा वर्कर्स यूनियन के बीच हुई वार्ता के बाद कर्मचारियों को वेतन का अंतर व्यक्तिगत वेतन के रूप में देने पर सहमति बनी है। जानकारी के अनुसार, वार्षिक वेतनवृद्धि की तारीख में बदलाव के कारण जिन कर्मचारियों को संशोधित वेतन निर्धारण के समय कम लाभ मिला था, उन्हें अंतर की राशि दी जाएगी। यह भुगतान उनकी पूर्व निर्धारित वार्षिक वेतनवृद्धि की तारीख से प्रभावी होगा। जिन कर्मचारियों को पहले ही वेतन निर्धारण का लाभ मिल चुका है, उनके वेतन में कटौती नहीं की जाएगी।

PF, ग्रेच्युटी और अन्य लाभों पर भी पड़ेगा असर
वेतन के अंतर की गणना भविष्य निधि (PF), ग्रेच्युटी, अवकाश नकदीकरण, वार्षिक बोनस और टिस्को कर्मचारी पेंशन योजना सहित संबंधित लाभों में भी की जाएगी। सोमवार को टाटा स्टील प्रबंधन और टाटा वर्कर्स यूनियन के बीच विसंगति समिति की बैठक हुई। इसके बाद शीर्ष नेतृत्व ने यूनियन कार्यालय में पदाधिकारियों के साथ चर्चा कर फैसलों की जानकारी दी।
एनएस ग्रेड कर्मचारियों को भी राहत
बैठक में एनएस ग्रेड के कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद चिकित्सा सुविधा देने का निर्णय भी लिया गया। वहीं, मकान किराये की कटौती को लेकर यह स्पष्ट किया गया कि मूल वेतन में से परिवर्तनशील महंगाई भत्ता घटाने के बाद बची राशि का छह प्रतिशत अथवा आवास का निर्धारित किराया—दोनों में से जो कम होगा, वही वसूला जाएगा। यूनियन ने कर्मचारियों की समस्याओं की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई करने की बात कही है। हालांकि, एनएस ग्रेड के कर्मचारियों की बंचिंग व्यवस्था का स्थायी समाधान अगले वेतन समझौते में होने की संभावना है।


