टीवी अभिनेत्री शफक नाज इन दिनों अपने एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर चर्चा में हैं. करवा चौथ मनाने और मांग में सिंदूर सजाकर तस्वीरें साझा करने के बाद कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने उनकी धार्मिक पहचान पर सवाल उठाए. इसके बाद अभिनेत्री ने ट्रोलर्स को करारा जवाब देते हुए साफ कर दिया कि किसी दूसरे समुदाय का त्योहार मनाने या सिंदूर लगाने से उनकी धार्मिक पहचान नहीं बदल जाती.

करवा चौथ की तस्वीरों पर शुरू हुआ विवाद
दरअसल, शफक नाज ने करवा चौथ के मौके पर अपने पति जीशान के साथ तस्वीरें साझा की थीं. इन तस्वीरों में वह मांग में सिंदूर लगाए नजर आईं. इसके बाद सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने उनके मुस्लिम होने और करवा चौथ मनाने को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए. इस तरह की प्रतिक्रियाओं से नाराज होकर अभिनेत्री ने अपनी बात रखी.

‘सिंदूर लगाने से मेरा धर्म कैसे बदल जाएगा?’
ट्रोलर्स को जवाब देते हुए शफक ने सवाल किया कि क्या सिर्फ सिंदूर लगाने से वह मुस्लिम नहीं रह जाती हैं? उन्होंने कहा, ”सिर्फ इसलिए कि मैंने सिंदूर लगाया, क्या मैं अब मुस्लिम नहीं रही? क्या मेरा धर्म इतना हल्का है?” अभिनेत्री का कहना था कि उनके पति जीशान भी मुस्लिम हैं और उन्हें अपनी निजी जिंदगी में कौन-सा त्योहार मनाना है, इसका फैसला खुद करने का अधिकार है.
ईद, दिवाली और होली भी मनाएंगी अभिनेत्री
शफक ने यह भी कहा कि धर्म व्यक्तिगत आस्था का विषय है. उनका विश्वास उन्हें दूसरे धर्मों और उनकी परंपराओं का सम्मान करना सिखाता है. अभिनेत्री ने स्पष्ट किया कि वह आगे भी ईद, दिवाली और होली जैसे त्योहार मनाती रहेंगी. किसी त्योहार को मनाने का अर्थ अपनी धार्मिक पहचान को बदलना नहीं है.
सोशल मीडिया पर छिड़ी नई बहस
शफक नाज के इस जवाब के बाद सोशल मीडिया पर धार्मिक पहचान, व्यक्तिगत स्वतंत्रता और अलग-अलग संस्कृतियों के सम्मान को लेकर चर्चा शुरू हो गई है. अभिनेत्री ने अपने संदेश के जरिए यह स्पष्ट कर दिया कि उनकी आस्था और त्योहार मनाने के तरीके पर दूसरों को फैसला सुनाने का अधिकार नहीं है.


