सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद क्यों बदला JSSC का रिजल्ट?
JSSC ने 3 नवंबर 2026 को सूचना संख्या 105 जारी कर संशोधित अतिरिक्त परीक्षाफल प्रकाशित किया है। आयोग के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में पहले जारी परिणाम में बदलाव किया गया है।
यह मामला आरक्षण श्रेणी के अभ्यर्थियों को मेरिट के आधार पर सामान्य श्रेणी में शामिल करने से जुड़ा है। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि अधिक मेधावी आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को केवल प्रशासनिक निर्देश के आधार पर सामान्य श्रेणी में जाने से नहीं रोका जा सकता।
रांची बना चयनित अभ्यर्थियों की संख्या में अव्वल, पलामू दूसरे नंबर पर
जारी संशोधित रिजल्ट में रांची जिले से सबसे अधिक 155 अभ्यर्थी सफल हुए हैं। वहीं, पलामू 130 अभ्यर्थियों के साथ दूसरे स्थान पर है। गिरिडीह से 103 अभ्यर्थियों को सफलता मिली है।
देखिए किस जिले से कितने अभ्यर्थी हुए सफल?
| जिला | सफल अभ्यर्थी |
|---|---|
| रांची | 155 |
| पलामू | 130 |
| गिरिडीह | 103 |
| हजारीबाग | 66 |
| गढ़वा | 65 |
| बोकारो | 64 |
| देवघर | 64 |
| चतरा | 62 |
| गोड्डा | 59 |
| धनबाद | 58 |
| सरायकेला-खरसावां | 56 |
| पूर्वी सिंहभूम | 55 |
| गुमला | 50 |
| खूंटी | 43 |
| दुमका | 40 |
| जामताड़ा | 36 |
| पश्चिमी सिंहभूम | 35 |
| पाकुड़ | 28 |
| लोहरदगा | 27 |
| रामगढ़ | 23 |
| लातेहार | 23 |
| सिमडेगा | 23 |
| कुल | 1265 |
17 सितंबर के सुप्रीम कोर्ट के आदेश का भी है जिक्र
आयोग ने अपने नोटिस में सिविल अपील संख्या 8259/2019 (Govt. of NCT Delhi and Other Vs. Pradeep Kumar and Others) में पारित आदेश का उल्लेख किया है। इसके साथ ही 17 सितंबर 2026 को कंटेम्प्ट पिटीशन (सिविल) डायरी संख्या 43106/2025 में पारित आदेश के अनुपालन में भी परिणाम संशोधित किया गया है।
आयोग ने पहले प्रकाशित संबंधित परीक्षाफल को रद्द करते हुए नया संशोधित अतिरिक्त परीक्षाफल जारी किया है। इसमें अभ्यर्थियों का रजिस्ट्रेशन नंबर, शिक्षक का प्रकार, आरक्षण श्रेणी और आवंटित जिला जैसी जानकारियां दी गई हैं।
क्या सभी अभ्यर्थियों का रिजल्ट जारी हो गया?
नहीं! आयोग ने स्पष्ट किया है कि कुछ अभ्यर्थियों का परिणाम अभी लंबित है। इसके पीछे न्यायालयों में चल रहे मामले, रिक्तियों से जुड़े विवाद और जरूरी प्रमाणपत्रों या दस्तावेजों का उपलब्ध नहीं होना प्रमुख कारण हैं।
संबंधित मामलों में न्यायालय के आदेश और आवश्यक प्रमाणपत्र उपलब्ध होने के बाद आयोग परिणाम में आगे संशोधन कर सकता है।


