जमशेदपुर : टाटा स्टील के कर्मचारियों को अपना घर उपलब्ध कराने की वर्षों पुरानी उम्मीद एक बार फिर जगी है। कर्मचारियों के आवास से जुड़े मुद्दे को टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नू की ओर से उठाए जाने के बाद कंपनी प्रबंधन ने इस दिशा में पहल तेज कर दी है। इसी कड़ी में लंबे समय से निष्क्रिय पड़ी टिस्को इंप्लाइज हाउसिंग एंड वेलफेयर सोसाइटी की गवर्निंग काउंसिल का पुनर्गठन किया गया है। सोसाइटी को दोबारा सक्रिय किए जाने से कर्मचारियों के बीच अपने घर का सपना पूरा होने की उम्मीद बढ़ी है।

बताया जाता है कि टिस्को इंप्लाइज हाउसिंग एंड वेलफेयर सोसाइटी का गठन कर्मचारियों के आवास और कल्याण से जुड़े उद्देश्यों को ध्यान में रखकर किया गया था, लेकिन पिछले कई वर्षों से इसकी गतिविधियां लगभग ठप थीं। इस कारण कर्मचारियों के आवास से जुड़ी पहल आगे नहीं बढ़ पा रही थी। अब यूनियन की ओर से मामला उठाए जाने के बाद प्रबंधन ने पुरानी व्यवस्था को फिर से सक्रिय करने की दिशा में कदम उठाया है। गवर्निंग काउंसिल के पुनर्गठन को इसी पहल का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।

डीबी सुंदर राम को मिली अध्यक्ष की जिम्मेदारी
पुनर्गठित गवर्निंग काउंसिल में डीबी सुंदर राम को अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं, टाटा स्टील यूआइएसएल के प्रबंध निदेशक अतुल भटनागर और टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नू को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। नई कमेटी के गठन से सोसाइटी के कामकाज को व्यवस्थित करने और आवास से संबंधित योजनाओं को आगे बढ़ाने की उम्मीद है। इसमें प्रबंधन और यूनियन दोनों की भागीदारी से कर्मचारियों के हितों को लेकर समन्वित प्रयास का रास्ता भी खुला है।
अब योजना के धरातल पर उतरने का इंतजार
गवर्निंग काउंसिल के पुनर्गठन के बाद कर्मचारियों की नजर इस बात पर रहेगी कि सोसाइटी आगे किस तरह काम करती है और आवास उपलब्ध कराने की दिशा में क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं। कर्मचारियों के लिए आवास की योजना, संभावित स्थान, मकानों की संख्या, कीमत और आवेदन प्रक्रिया जैसे पहलुओं पर स्पष्टता आना अभी बाकी है। फिलहाल सोसाइटी को फिर से सक्रिय किए जाने से लंबे समय से ठंडे बस्ते में पड़ी आवास की उम्मीद को नई दिशा मिली है। अब कर्मचारियों को इंतजार है कि यह पहल कब वास्तविक योजना का रूप लेती है और उनका अपने घर का सपना कब पूरा होता है।


