मुंबई: शेयर बाजार में दिवाली का जश्न जारी है। मानक सूचकांक बीएसई सेंसेक्स बुधवार को लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में 384 अंक के लाभ में रहा जबकि एनएसई निफ्टी 150 अंक चढ़ गया। विदेशी संस्थागत निवेशकों के पूंजी प्रवाह और कच्चे तेल के दाम में नरमी के बीच प्रमुख वित्तीय कंपनियों, दैनिक उपयोग का सामान बनाने वाली कंपनियों और वाहन शेयरों में लिवाली से बाजार में तेजी आई।
तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 383.55 अंक यानी 0.50 प्रतिशत चढ़कर दो महीने से अधिक के उच्चतम स्तर 77,301.40 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 478.19 अंक की तेजी के साथ 77,396.04 अंक पर पहुंच गया था।
लगातार पांच कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स 4,000 अंक से अधिक यानी 5.4 प्रतिशत चढ़ चुका है।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी भी 149.75 अंक यानी 0.63 प्रतिशत बढ़कर 23,960.60 अंक पर बंद हुआ।
सेंसेक्स की 30 कंपनियों में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, टाइटन, इंटरग्लोब एविएशन, बजाज फाइनेंस, आईटीसी और अदाणी पोर्ट्स के शेयरों में सबसे अधिक तेजी रही।
दूसरी तरफ, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, एचसीएल टेक, इन्फोसिस और इटर्नल के शेयर में गिरावट आई।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 0.73 प्रतिशत टूटकर 102.8 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने मंगलवार को 6,836.81 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को मध्यावधि चुनाव में बड़ा झटका लगा है। देश के मतदाताओं ने मंगलवार को हुए बहुचर्चित मध्यावधि चुनावों में विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी को संसद के उच्च सदन सीनेट का नियंत्रण सौंप दिया और डेमोक्रेट ने कई अहम राज्यों में गवर्नर पदों पर भी जीत दर्ज की।
इन नतीजों का असर न केवल अमेरिका, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी देखने को मिल सकता है।
ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को अपने मजबूत गढ़ माने जाने वाले टेक्सास, जॉर्जिया और आयोवा जैसे राज्यों में करारी हार का सामना करना पड़ा, जहां उसने डेमोक्रेटिक पार्टी के हाथों गवर्नर के पद गंवा दिए। इसके अलावा टेक्सास, मेन, साउथ कैरोलिना, नॉर्थ कैरोलिना, कंसास और आयोवा में सीनेट की सीट पर भी पार्टी को झटका लगा।
रिपब्लिकन पार्टी की इस बड़ी हार की मुख्य वजह ट्रंप की नीतियों के प्रति लोगों में व्याप्त असंतोष को माना जा रहा है। खासकर ईरान के खिलाफ युद्ध को लेकर लोगों में नाराजगी थी, जिसके कारण जीवन-यापन की लागत और डीजल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है।
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लि. के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘दलाल पथ (बीएसई इस जगह स्थित है) पर दिवाली का जश्न जारी रहा। निवेशकों की जोखिम लेने की बढ़ती क्षमता के बीच मझोली और छोटी कंपनियों के शेयरों का बेहतर प्रदर्शन भी बना रहा। अमेरिका के मध्यावधि चुनावों के नतीजों से वैश्विक निवेश धारणा मजबूत हुई है। इससे व्यापार और आयात शुल्क नीतियों में अधिक संतुलित रुख अपनाए जाने की उम्मीद बढ़ी है। इससे उभरते बाजारों में विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) का निवेश बढ़ने की संभावना है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘घरेलू स्तर पर आगामी केंद्रीय बजट में संभावित कर राहत, उम्मीद से बेहतर तिमाही नतीजों और त्योहारों के दौरान मजबूत खपत से भी बाजार की तेजी को बल मिला।’’
एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, चीन का शंघाई का एसएसई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग बढ़त के साथ बंद हुए जबकि जापान का निक्की गिरावट में रहा।
अमेरिकी बाजार मंगलवार को बढ़त के साथ बंद हुए थे।
इससे पहले, मंगलवार को सेंसेक्स 1,225.07 अंक चढ़कर 76,917.85 अंक पर बंद हुआ था। निफ्टी भी 370.05 अंक की तेजी के साथ 23,810.85 अंक पर रहा था।



