लोक परीक्षा संशोधन विधेयक सरकार की 12 साल की ‘अक्षमता’ को समाप्त नहीं कर सकता: अभिषेक बनर्जी

अभिषेक बनर्जी ने लोक परीक्षा संशोधन विधेयक पर सरकार को घेरा, कहा कि सख्त कानून पर्याप्त नहीं, जब तक परीक्षाओं में पेपर लीक और व्यवस्थागत खामियां खत्म नहीं होंगी।

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नई दिल्ली: तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी ने केंद्र सरकार पर परीक्षाओं और छात्रों को संरक्षण देने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए मंगलवार को कहा कि सरकार द्वारा लाया गया लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक उसकी 12 साल की ‘‘अक्षमता को’’ समाप्त नहीं कर सकता। लोकसभा में लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा में भाग लेते हुए बनर्जी ने कहा कि वह इस विधेयक का समर्थन करते हैं और कड़ा कानून जरूरी है, लेकिन अगर व्यवस्थागत विफलताओं से परीक्षाओं में गड़बडी होती रही तो यह पर्याप्त उपाय नहीं है।

उन्होंने कहा, ‘‘यह विधेयक समाधान नहीं है। बल्कि इस बात का कबूलनामा है कि सरकार परीक्षाओं और छात्रों को संरक्षण देने में विफल रही।’’ बनर्जी ने 2024 के लोक परीक्षा कानून में लाए गए संशोधनों के संदर्भ में कहा कि सजा बढ़ाने से सरकार की 12 वर्ष की अक्षमता खत्म नहीं हो जाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘यह सरकार नए भारत की बात करती है। आज का युवा भारत पूछता है कि अगर यह नया भारत है तो प्रश्नपत्र लीक क्यों हो रहे हैं।’’ बनर्जी ने आरोप लगाया कि ‘‘आज पेपर लीक एक पैटर्न बन गया है।’’उन्होंने पिछले दिनों नीट प्रश्नपत्र लीक को लेकर छात्रों के प्रदर्शन और उन पर पुलिस कार्रवाई का जिक्र करते हुए आरोप लगाया, ‘‘इस सरकार को हर प्रदर्शन साजिश, हर छात्र दुश्मन और हर सवाल राष्ट्रविरोधी लगता है।’’ तृणमूल कांग्रेस नेता ने दावा किया कि मोदी सरकार के पिछले 12 साल के कार्यकाल में प्रश्नपत्र लीक के एक भी मामले में कोई दोषसिद्धि नहीं हुई है।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।