नयी दिल्ली: एसीएमई सोलर होल्डिंग्स का चालू वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में एकीकृत शुद्ध लाभ दोगुना से अधिक होकर 269 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। कंपनी ने बुधवार को शेयर बाजार को दी गई सूचना में यह जानकारी दी। कंपनी ने पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की जुलाई-सितंबर तिमाही में 115 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था। समीक्षाधीन तिमाही में कंपनी की कुल आय बढ़कर 1,007 करोड़ रुपये हो गई, जो एक साल पहले इसी अवधि में 601 करोड़ रुपये थी।

कंपनी के बयान के अनुसार, आलोच्य तिमाही में उसकी आय सालाना आधार पर 67.5 प्रतिशत बढ़ी। इसका मुख्य कारण बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (बीईएसएस) और नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता में वृद्धि रहा। इस दौरान कंपनी की कर पूर्व आय (ईबीआईटीडीए) 63.6 प्रतिशत बढ़कर 874 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 534 करोड़ रुपये थी। कंपनी ने तिमाही के दौरान 2.1 गीगावाट-घंटा (जीडब्ल्यूएच) की बैटरी ऊर्जा भंडारण क्षमता चालू की। इसके साथ ही उसकी कुल चालू बीईएसएस क्षमता बढ़कर 5.2 गीगावाट-घंटा हो गई। कंपनी के मुताबिक, यह भारत में दूसरी सबसे बड़ी स्थापित बीईएसएस क्षमता है।
एसीएमई ने चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 184 करोड़ यूनिट स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन किया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 19.6 प्रतिशत अधिक है। इसके अतिरिक्त, कंपनी ने बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली के जरिये लघु अवधि के व्यस्त समय के बीईएसएस परिचालन के जरिये 32.4 लाख यूनिट की बिक्री की।
इस बीच, कंपनी ने बृहस्पतिवार को एक अलग नियामकीय सूचना में बताया कि उसने एनटीपीसी के साथ 400 मेगावाट की फर्म एंड डिस्पैचेबल रिन्यूएबल एनर्जी (एफडीआरई) परियोजना के लिए बिजली खरीद समझौता (पीपीए) किया है। यह समझौता एनटीपीसी की एफडीआरई चरण-01 योजना के तहत 4.37 रुपये प्रति यूनिट की दर पर किया गया है। यह समझौता कंपनी की पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी एसीएमई मैरीगोल्ड ऊर्जा प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से किया गया है। परियोजना के तहत बिजली आपूर्ति शुरू होने की निर्धारित तारीख 30 जून, 2028 है।


