नयी दिल्ली : उच्चतम न्यायालय ने भारत के प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत की अदालत में मामलों की तत्काल सुनवाई के लिए किए जाने वाले अनुरोधों के सीधे प्रसारण पर बुधवार को रोक लगा दी।

उच्चतम न्यायालय में वकील या स्वयं अपना पक्ष रखने वाले याचिकाकर्ता किसी मामले की तत्काल सुनवाई या उसे जल्द सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का मौखिक अथवा लिखित अनुरोध प्रधान न्यायाधीश या किसी पीठ से कर सकते हैं। इस प्रक्रिया को ‘मेंशनिंग’ कहा जाता है।


