Agricultural Fair in Nagdi: युगांतर भारती, नवचेतना ग्रामीण संस्थान, Nature Foundation, स्वर्णरेखा क्षेत्र विकास ट्रस्ट और जल जागरुकता अभियान के संयुक्त आयोजन से मंगलवार को नगड़ी में कृषि मेला और संगोष्ठी का सफल आयोजन किया गया।
इस मेले में दूर-दराज के इलाकों से आए सैकड़ों किसानों ने भाग लिया। किसानों में खेती को लेकर काफी उत्साह देखा गया और सभी ने नई तकनीकों को जानने में रुचि दिखाई।

वैज्ञानिक खेती पर दिया गया जोर
इस अवसर पर बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के डॉ. भूपेंद्र कुमार ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि खेती का समय अब बदल चुका है।
आज के दौर में जो किसान वैज्ञानिक तरीके से खेती करेगा, वही आगे बढ़ेगा और मुनाफा कमाएगा। उन्होंने बताया कि आधुनिक खेती अपनाकर किसान अपनी आय को कई गुना बढ़ा सकते हैं।
डॉ. भूपेंद्र कुमार ने आर्गेनिक खेती पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि जो किसान जैविक खेती कर रहे हैं, उन्हें किसी भी प्रकार के रासायनिक पेस्टीसाइड का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे फसल खराब हो सकती है।
साथ ही उन्होंने Advanced Agriculture, Drip Irrigation और हार्टिकल्चर के बारे में सरल शब्दों में जानकारी दी, जिससे किसानों को नई तकनीक समझने में आसानी हुई।
खेती से कमाई के नए रास्ते
इसी विश्वविद्यालय की डॉ. प्रतिभा ने कहा कि आज खेती सिर्फ गुजर-बसर का साधन नहीं रही, बल्कि कमाई का अच्छा जरिया बन चुकी है।
उन्होंने बताया कि झारखंड के किसान भी अगर सही तरीके अपनाएं तो अच्छी आमदनी कर सकते हैं।
किसान अपनी उपज को स्थानीय बाजार के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी भेज सकते हैं और निर्यात के जरिए बेहतर दाम पा सकते हैं।
उन्होंने किसानों को प्रेरित करते हुए कहा कि किसी को भी खुद को असफल नहीं समझना चाहिए। खेती में जो भी नए बदलाव आ रहे हैं, उन्हें सीखा जा सकता है। सीखने की कोई उम्र नहीं होती, “जब जागो तभी सवेरा”।
प्रतियोगिताओं में किसानों को मिला सम्मान
मेले में किसानों के लिए अलग-अलग श्रेणियों में प्रतियोगिताएं भी कराई गईं। कंद श्रेणी में आम हल्दी के लिए कार्तिक महतो को पहला पुरस्कार मिला, जबकि हल्दी श्रेणी में उन्हें दूसरा स्थान मिला। आरु श्रेणी में चारू मुंडा तीसरे स्थान पर रहे।
पत्ता श्रेणी में दीपक कुमार की ब्रोकली को पहला, जीतेंद्र महतो की पत्ता गोभी को दूसरा और अजय महतो की सेम को तीसरा स्थान मिला।
फल-फूल श्रेणी में रोपना कुमार के नींबू को पहला, सुमन कुमार के अमरंगा को दूसरा और रमेश महतो के कोहड़ा को तीसरा स्थान प्राप्त हुआ। सभी विजेता किसानों को तरल दवाइयों के छिड़काव की मशीन देकर सम्मानित किया गया।




