भगवान राम के नाम पर आया पैसा कहां गया? अखिलेश यादव ने उठाए बड़े सवाल

Archana Ekka
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नई दिल्ली : समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अयोध्या स्थित राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की रकम में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर सरकार पर अपना हमला और तेज करते हुए कहा कि इस संबंध में शिकायतें अब उस स्तर तक पहुंच गई हैं, जहां प्राथमिकी दर्ज करने पर चर्चा हो रही है। यादव ने कहा कि यदि भगवान राम से जुड़े ‘पवित्र कार्य’ के लिए दिए गए दान और चढ़ावे की चोरी या उसके दुरुपयोग के आरोप लग रहे हैं, तो इन शिकायतों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
हमेशा की तरह भूमिगत हो गए भाजपा के साथी सपा प्रमुख ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक विस्तृत पोस्ट में कहा कि ”चढ़ावा चोरी कांड” को लेकर कई सवाल अनुत्तरित हैं और मामले की सच्चाई सामने आनी चाहिए। ट्रस्टी क्या कहना चाहते हैं, यह किसी को समझ नहीं आ रहा है। हेराफेरी में संलिप्त लोगों को हिरासत में लिए जाने की खबरें अखबारों, टीवी चैनलों, मीडिया पोर्टलों और यूट्यूब चैनलों के माध्यम से प्रसारित की जा रही हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि पहले पुलिस इस संबंध में कुछ नहीं कहती, लेकिन बाद में किसी दबाव में आकर खंडन जारी करती है। जनता के आक्रोश को देखकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता असहज हो गए हैं। भाजपा के संगी-साथी इस मामले से दूरी बनाने के लिए हमेशा की तरह भूमिगत हो गए हैं। लखनऊ की सरकार ने अपने मुंह पर ताला लगा लिया है और दिल्ली की सरकार का ड्रोन और दूरबीन पता नहीं कहां हैं। यादव ने कहा कि इन अस्पष्ट परिस्थितियों के कारण देश और विदेश में सनातन धर्मावलंबियों के बीच आशंकाएं और बढ़ गई हैं। इस मामले की निष्पक्ष जांच और खुलासे की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि यह सामने आना चाहिए कि देश की सनातनी आस्था से खिलवाड़ करने वालों के पीछे कौन लोग हैं और चढ़ावे में कथित चोरी का पाप करने वालों को कौन बचा रहा है। इस कथित अपराध के तार किन-किन लोगों से जुड़े हैं और यह मामला कितनी दूर तक फैला हुआ है। पूरे प्रकरण का सूत्रधार कौन है और इस कथित घोटाले में किन-किन लोगों की भूमिका है।
डबल इंजन सरकार अब कहां है?

यादव ने कहा कि यह स्पष्ट होना चाहिए कि मामले के उजागर होने के पीछे कथित रूप से धन के बंटवारे को लेकर विवाद कारण है या प्रभावशाली लोगों के बीच प्रतिस्पर्धा। उन्होंने यह भी पूछा कि पैसे गिनने जैसे संवेदनशील कार्य में ट्रस्ट और सरकारी बैंक के बीच निजी कंपनियों को शामिल करने का निर्णय किसने लिया और इसके पीछे क्या उद्देश्य था। सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक कर मामले की सच्चाई बताने में क्या परेशानी है? डबल इंजन सरकार अब कहां है? क्या डबल इंजन केवल डबल ईंधन की खपत के लिए है या उसकी कोई जिम्मेदारी भी है?

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अर्चना एक्का को पत्रकारिता का दो वर्ष का अनुभव है। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत इंटर्नशिप से की। इस दौरान उन्होंने झारखंड उजाला, सनमार्ग और इम्पैक्ट नेक्सस जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया। इन संस्थानों में उन्होंने रिपोर्टर, एंकर और कंटेंट राइटर के रूप में कार्य करते हुए न्यूज़ रिपोर्टिंग, एंकरिंग और कंटेंट लेखन का अनुभव प्राप्त किया। पत्रकारिता के क्षेत्र में वह सक्रिय रूप से काम करते हुए अपने अनुभव को लगातार आगे बढ़ा रही हैं।