मुंबई : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को कहा कि भारतीयों को लैब में तैयार हीरों के पूरे कारोबार और व्यवस्था पर अपना नियंत्रण रखना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि देश के पास इसके लिए जरूरी बुनियादी ढांचा और क्षमता मौजूद है।
मुंबई में 52वें ‘इंडिया जेम एंड ज्वेलरी अवॉर्ड्स’ प्रदान करने के बाद शाह ने कहा, “मात्रा के हिसाब से लैब में तैयार किए जाने वाले हीरों का बाजार मौजूदा हीरा बाजार के आकार से लगभग 50 गुना तक बढ़ने वाला है। यह एक बहुत बड़ा अवसर है।” उन्होंने कहा, “लैब में तैयार किए जाने वाले हीरों के युग की शुरुआत हो रही है और हमारे पास बुनियादी ढांचा, क्षमता, पूंजी तथा सबसे महत्वपूर्ण, आप जैसे उद्यमी मौजूद हैं।”
शाह ने उद्योग जगत से यह सुनिश्चित करने को कहा कि लैब में तैयार किए जाने वाले हीरों की पूरी व्यवस्था और निर्माण प्रक्रिया मजबूती से भारतीयों के हाथ में रहे। उन्होंने कहा कि इसमें हीरे बनाने वाली मशीनों का निर्माण, हीरों का उत्पादन, आभूषण तैयार करना, ब्रांड विकसित करना या दुनिया भर में भारतीय कंपनियों के शोरूम खोलना शामिल है। शाह ने कहा कि दुनिया के साथ भारत का रत्न और आभूषण कारोबार लगभग 6,000 वर्ष से चला आ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोगों को यह भरोसा पैदा किया है कि 15 अगस्त 2047 को भारत हर क्षेत्र में दुनिया के सभी देशों से आगे होगा।
उन्होंने कहा, “2014 में भारत को ‘पांच कमजोर’ देशों में गिना जाता था, लेकिन आज भारत दुनिया के शीर्ष पांच देशों में शामिल है।”

