आजादी से पहले बेगूसराय में खुले आयुर्वेद कॉलेज के दिन आने वाले हैं अच्छे

News Aroma Media
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बेगूसराय: आजादी से पहले बेगूसराय में खुले आयुर्वेद कॉलेज के अच्छे दिन आने वाले हैं। जिले के बरौनी में मेडिकल कॉलेज निर्माण की प्रक्रिया शुरू होने के बाद अब बिहार सरकार ने बदहाल पड़े इस आयुर्वेदिक कॉलेज के लिए ढाई अरब रुपये से अधिक की स्वीकृति दी है।

कॉलेज को विकसित करने की बिहार मंत्रिमंडल की स्वीकृति के बाद बेगूसराय में खुशी का माहौल है।

बेगूसराय के सांसद और केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री गिरिराज सिंह ने इसके लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय सहित बिहार सरकार का आभार जताया है।

गिरिराज सिंह ने बताया कि मंत्रिमंडल की बैठक में बेगूसराय के राजकीय अयोध्या शिवकुमारी आयुर्वेद महाविद्यालय-सह-चिकित्सालय में 150 छात्र-छात्राओं की नामांकन क्षमता के आयुर्वेद महाविद्यालय, दो सौ बेड के चिकित्सालय, छात्रावास, आवासीय भवनों के निर्माण एवं अन्य अनुषांगिक कार्यों के लिए दो अरब, 57 करोड़, 46 लाख स्वीकृत किया गया है।

बिहार चिकित्सा सेवाएं एवं आधारभूत संरचना निगम लिमिटेड से प्राप्त तकनीकी अनुमोदित प्राक्कलन के आधार पर वित्तीय वर्ष 2021-22 में ढाई अरब से अधिक की लागत पर योजना की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।

बताया जा रहा है कि गिरिराज सिंह ने आयुर्वेदिक कॉलेज विस्तार के प्रस्ताव को बिहार सरकार के सामने रखा था और काफी दिनों तक सरकार के सामने आवाज उठाते रहे।

इसके बाद मंगलवार को बिहार मंत्रिपरिषद ने इसे मंजूरी दे दी है। इसके बारे में गिरिराज सिंह ने 22 नवंबर को स्वयं सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी साझा की थी।

उल्लेखनीय है कि एक अगस्त 1946 को बेगूसराय में अयोध्या शिवकुमारी आयुर्वेदिक महाविद्यालय की स्थापना हुई थी। बाद में इसका सरकारीकरण कर लिया गया तो भवन निर्माण समेत विकास के अन्य कार्य हुए।

बड़ी संख्या में लोगों का इलाज तथा आयुर्वेद प्रशिक्षण दिया जाता रहा। इस बीच राजनीतिक अड़ंंगेबाजी के कारण विगत 20 वर्षोंं से इसकी स्थिति बदहाल होती चली गई।

तमाम लोग सरकार एवंं प्रशासनिक स्तर पर विकास के मुद्दे को उठा रहे थे। परिणामस्वरूप अब यह सफलता मिली है।

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