
Banka Teachers News : बांका जिले में 19 शिक्षकों की ‘स्मार्ट’ अटेंडेंस का खेल उजागर होने के बाद शिक्षा विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर फर्जी उपस्थिति दर्ज करने के आरोप में इन शिक्षकों का वेतन रोक दिया गया है।
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) संजय कुमार यादव ने मामले को गंभीर मानते हुए सभी संबंधित शिक्षकों से जवाब-तलब किया है।
तकनीकी जांच में खुलासा हुआ कि ड्यूटी के समय ये शिक्षक स्कूल में मौजूद नहीं थे, बल्कि जिले की सीमा से बाहर पाए गए। इसके बावजूद इन्होंने पोर्टल पर अपनी उपस्थिति दर्ज कर ली, जिसे विभाग ने गंभीर लापरवाही और धोखाधड़ी माना है।
जांच के दौरान कुछ ऐसे शिक्षक भी सामने आए, जो इस तरह की गतिविधियों में बार-बार शामिल पाए गए। शंभूगंज की कुमुद कुमारी तीन अलग-अलग तिथियों पर जिले से बाहर मिलीं, जबकि धोरैया की सरिता कुमारी भी दो बार इसी तरह पकड़ी गईं।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह कोई साधारण गलती नहीं, बल्कि सोची-समझी अनियमितता है। इसी के तहत आदेश दिया गया है कि जिन दिनों में गड़बड़ी पाई गई है, उन दिनों का वेतन फिलहाल रोक दिया जाएगा।
सभी 19 शिक्षकों को सात दिनों के भीतर अपना स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया है। यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है, तो वेतन कटौती के साथ-साथ कड़ी विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।
इस मामले में शंभूगंज, धोरैया, चांदन, बांका, रजौन, बाराहाट और बेलहर प्रखंडों के शिक्षक शामिल हैं। इनमें संतोष कुमार, कृष्णा कुमार हांसदा, सौरव कुमार, मो. सद्दाम हुसैन, रश्मि रानी और रानी कुमारी समेत कुल 19 नाम सामने आए हैं।
यह कार्रवाई शिक्षा विभाग की उस सख्ती को दर्शाती है, जिसमें डिजिटल सिस्टम के दुरुपयोग को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
